सीकर. स्वयं सिद्ध मुहूर्त आखातीज पर शेखावाटी अंचल में बाल विवाह पर प्रशासन की नजर कमजोर है। चुनावी व्यवस्था के चलते इस बार बाल विवाह की रोकथाम के लिए कोई विशेष प्रयास नहीं किए गए हैं। स्थिति यह भी है कि शिकायत आने पर भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन के नियंत्रण कक्ष में सात से आठ शिकायत आई है, लेकिन चुनावी कार्य के चलते इन पर गंभीरता नहीं बरती गई। हालांकि बाल विवाह की रोकथाम व जागरूकता के संबंध में पहले ही प्रशासन की ओर से आदेश निकाले जा चुके हैं।
चुनाव के चलते मिलावटी बेखौफ
चुनाव का असर मिलावट पर भी देखने को मिल रहा है। दो दिन में दो हजार से अधिक शादियों में कई क्विंटल मावे व दूध की खपत होगी। लेकिन जिम्मेदार चिकित्सा विभाग की टीम की इस पर कोई नजर नहीं है। लोगों का मानना है कि शादियों के सीजन में मिलावटी मावा व पाउडर से तैयार दूध की खपत की जाती है। इस बार चिकित्सा विभाग की टीम के चुनाव में व्यस्त होने से एक भी मावा व दूध व्यापारी का नमूना नहीं लिया गया। ऐसे में मिलावट का कारोबार करने वाले बेखौफ हैं। मिलावट की बड़ी वजह यह मानी जाती है कि खपत के मुकाबले दूध व मावे की यहां आधी भी आवक नहीं है।
कई जगह होंगे धार्मिक आयोजन
अक्षय तृतीया पर धार्मिक आयोजनों की धूम रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आखातीज को भगवान ब्रह्मा की ओर से सृष्टि की रचना शुरू करने का दिवस माना गया है। इसलिए इस दिन का खास महत्व है। इस दिन किए जाने वाले सभी श्रेष्ठ कार्य तीर्थ स्थान, तर्पण, पूजन, दान व जप का अक्षय फल प्राप्त होने की मान्यता के चलते अंचल में कई धार्मिक आयोजन होंगे।
पं. दिनेश मिश्रा ने बताया कि इस दिन सस्ती और सरलता से मिलने वाली वस्तु का दान का बड़ा महत्व है। अक्षय तृतीया तिथि इस बार पूरे दिन रहेगी। साथ ही चार बड़े ग्रह सूर्य, शुक्र, चंद्र और राहू अपने से उच्च राशि में रहेंगे। यह बेदह शुभ संयोग माना जाता है। इस बार रवि और राज योग का भी संयोग रहेगा। इसके साथ ही अंचल के धार्मिक स्थलों पर भी लोगों की भीड़ रहेगी।
अबूझ सावे को लेकर बाजार में बहार
छह मई को दस रेखा और सात मई आखातीज को अबूझ सावे को लेकर रविवार को भी शहर के बाजारों में बहार रही। शहर व आसपास के गांवों के लोगों ने शादियों से जुड़ी चीजों की खरीददारी की। हलवाई, कैटर्स और साज-सज्जा से जुड़े मजदूर दिनभर व्यस्त रहे। शहर के दुकानदार सावे के साथ अक्षय तृतिया की खरीदारी को लेकर भी उत्साहित हैं। कारण की अक्षय तृतिया पर सोना खरीदने की लम्बे समय से परंपरा रही है। इस दिन सोना खरीदकर लाने से घर में लक्ष्मी का वास होता है। अक्षय तृतीया को सुबह छह बजकर 26 मिनट से रात 11 बजकर 47 मिनट तक खरीदारी का शुभ मुहुर्त है।





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