बीकानेर. लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों की हार के बाद
कांग्रेस में मचे घमासान के चलते राज्य सरकार में बने जिले के दोनों मंत्रियों पर भी तलवार लटक रही है। कांग्रेस में प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व में घमासान की खबरें सामने आने के साथ सोमवार को लोगों में कयासों के दौर शुरू हो गए।
बीकानेर से कांगे्रस के मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, मंत्री भंवर सिंह भाटी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पसंद के माने जाते हैं। वहीं विधानसभा चुनाव हारने वाले रामेश्वर डूडी भी प्रदेश में कांगे्रस की सरकार बनने के बाद दखल नहीं दे रहे थे। सोमवार सुबह दिल्ली में राजस्थान की सीटों पर हार को लेकर समीक्षा होने तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र मोह को लेकर सीवीसी के समक्ष आपत्ति की खबरें सामने आते ही डूडी भी सक्रिय हो गए। डॉ. कल्ला और भाटी ने जयपुर में डेरा डाल रखा है। वहीं रामेश्वर डूडी भी जयपुर चले गए हैं।
बदलते परिदृश्य में तलाश रहे संभावना
बीकानेर जिले के तीसरे विधायक गोविन्दराम मेघवाल को प्रदेश सरकार में मंत्री नहीं बनाया गया था। अब कांग्रेस में बदल रहे राजनीतिक परिदृश्य में वे खुद के लिए संभावनाएं तलाशने में जुट गए हैं। मेघवाल को लोकसभा चुनाव में उनकी पुत्री सरिता मेघवाल की टिकट काटने का भी मलाल है। इसे लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक अपनी बात रख चुके हैं।
हालांकि बीकानेर लोकसभा क्षेत्र में सभी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पिछड़ी है, लेकिन सबसे कम अंतर १७९४ वोटों के अंतर से श्रीकोलायत और १८,३२४ मतों से खाजूवाला में पीछे रही। कांग्रेस प्रत्याशी २९,४७४ मतों से नोखा में पीछे रहे। डॉ. कल्ला के विधानसभा क्षेत्र में ४०,८०२ मतों के भारी अंतर से पार्टी पिछड़ी।





No comments:
Post a Comment