हिण्डौनसिटी. निकटवर्ती गांव लहचौड़ा में एक परिवार द्वारा गांव के ही दबंगों को अपनी जमीन नहीं बेचने की सजा मिली है। दबंगों के प्रभाव के चलते जातीय खाप पंचायत ने राहत देने के बजाय पीडि़त परिवार का हुक्का-पानी बंद करने का तुगलकी फरमान सुना दिया। पीडि़त परिवार की गुहार के बाद न्यायालय के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने खाप पंचायत में शामिल रहे पंचों समेत 21 जनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार लहचौड़ा गांव निवासी श्यामलाल उर्फ रामलाल जाटव की गांव में ही 65 ऐयर कृषि भूमि है। जिसे गांव के दबंग घूरेलाल, भरतलाल, साहबसिंह, रामसिंह, जसराम व विजयसिंह जाटव जबरन खरीदना चाहते हैं। पीडि़त द्वारा जमीन बेचने से मना करने पर आरोपियों ने गांव के कुछ पंचों को साजिश में शामिल करते हुए कुछ दिन पहले लहचौडा गांव की अथाई पर रामदेव उर्फ बिज्जी की अध्यक्षता में जातीय खाप पंचायत आयोजित की। जिसमें पंचों ने पीडि़त से उसकी जमीन दबंग लोगों को बेचने का फैंसला सुनाया।
लेकिन पीडि़त श्यामलाल के असहमति प्रकट करने पर पंच पून्याराम, जगराम, संपतिया, जगराम जाटव, रमेशचंद, मोहनलाल, केवलराम, साहबसिंह, भीमा, रामरूप, मंगती, बलराम, मोहनलाल व मोहनलाल जाटव समेत 21 पंचों ने उसे परिवार समेत जाति से बहिष्कृत करने हुए हुक्का-पानी बंद करने का फरमान सुना दिया।
इतना ही आरोपियों ने गांव की दुकानों से सामान खरीद, सार्वजनिक कुए व हैण्डपंपों से पानी भरने पर रोक लगा दी। इसके साथ ही खाप पंचायत ने अपने फरमान में कहा कि जो व्यक्ति श्यामलाल से संपर्क रखेगा, उसको आर्थिक दंड के रूप में जुर्माना देना होगा। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस गहनता से मामले की जांच कर रही हैं।





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