सीकर .
रहमतों के महीने रमजान में हर तरफ इबादत और नेकियों का दौर है। लोग इस महीने में सुबह से लेकर रात तक इबादत में लगे रहते हैं। इसमें बड़ों से लेकर बच्चे तक जुटे रहते हैं। रमजान के महीने में इबादत करने का काफी महत्व है। इस महीने में नेकियों का बदला कई गुणा बढ़ जाता है। इसके चलते लोग कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं देते हैं। रमजान के महीने में नफ्ली इबादत के साथ कुरान की तिलावत ( पाठ) करने का भी काफी सवाब बताया गया है। इसलिए घरों व मस्जिदों के साथ मदरसों में भी बच्चे कुरान की तिलावत कर रहे हैं।
70 गुणा बढ़ा दिया जाता है सवाब
रमजान का महीना रहमतों और नेमतों का महीना है। इस महीने में इबादत का आम दिनों से ज्यादा सवाब मिलता है। मदरसा निदाए इस्लाम के मौलाना यूनुस कासमी ने बताया कि कुरान व हदीसों में आता है कि रमजान के महीने में अल्लाह रहमतों के दरवाजे खोल देता है। इस महीने में एक सुन्नत अदा करने पर फर्ज के बराबर तथा एक फर्ज का 70 फर्ज के बराबर बदला है। इसलिए इस महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करनी चाहिए।





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