दौसा. जिले में बारिश नहीं होने एवं तेज गर्मी के चलते सब्जी के भाव भी आसमान छूने लगे हैं। एक माह के अंतराल में ही सब्जी के भाव दो गुनेे हो गए हैं। इससे रसोई का बजट पूरी तरह गड़बड़ाने लगा है। बताया जा रहा है कि पानी की पर्याप्त मात्रा नहीं है। तापमान अधिक बढऩे के कारण बार-बार सब्जी की फसल को सिंचाई की आवश्यकता है। ऐसे में पानी के अभाव में फसल भी नष्ट होने से किसान परेशान हैं।
वर्षा आधारित सब्जी की बुवाई करने के बाद बारिश नहीं होने के कारण सब्जी के पौधे विकसित होने से पहले ही मुरझा गए हैं। इसके चलते जीवाणु-विषाणु रोग लगने से भी फसल को नुकसान हो रहा है। इससे सब्जी की आवक कम होने के कारण भाव बढ़ गए हैं। ऐसे में लोगों को अब सब्जी का स्वाद भी कड़वा लगने लगा है। मजबूरन लोगों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। गृहिणी रेखा का कहना है कि वर्तमान में बाजार से सब्जी के भाव फलों से महंगे हो गए हैं। ऐसे में मजदूर एवं मध्यम वर्ग का तो सब्जी का स्वाद चखना तक मुश्किल हो रहा है। कई बार तो चटनी बनाकर ही पेट भरना पड़ रहा है।
सहायक कृषि अधिकारी का कहना है कि पानी की कमी के चलते सब्जी का उत्पादन घट गया है और मांग बढऩे के कारण भाव बढ़ गए हैं। मौसम परिवर्तन व बढ़ते तापमान बढऩे से सब्जी की फसल को भी नुकसान हो रहा है। इससे किसान का खर्चा भी बढ़ रहा है। सब्जी विक्रेता प्रहलाद का कहना है कि सब्जी का उत्पादन घटने एवं बाहर से सब्जी खरीदकर लाने से परिवहन पर भी खर्चा अधिक आता है। ऐसे में मेहनत मजदूरी तक निकलना मुश्किल है। ऐसे में सब्जी के भाव बढऩा आम बात है।
ये है सब्जी के औसतन भावों की स्थिति
टमाटर 50 30
लौकी 20 10
बैंगन 40 20
फू गोभी 80 60
पत्ता गोभी 60 35
ग्वार फली 60 30
भिण्डी 50 35
खीरा 40 25
धनिया 100 60
हरि मिर्च 50 30
टिण्डा 60 40
करेला 50 40
पालक 40 20
अरबी 40 20





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