पीसांगन (अजमेर). उपखंड क्षेत्र के नाथूथला में मनरेगा कार्यस्थल पर काफी घोटाला उजागर हुआ। मस्टररोल में २०८ श्रमिकों के नाम दर्ज थे, लेकिन मौके पर महज ९४ ही कार्य करते मिले। इसे साफ जाहिर हुआ कि फर्जी हाजिरी के जरिए सम्बन्धित मेट, जेईएन व अन्य भ्रष्टाचार कर रहे थे। पीसांगन एसडीएम के मौके पर पहुंचते ही खलबली मच गई।
निरीक्षण के बाद उपखंड अधिकारी समदर सिंह भाटी ने सीईओ जिला परिषद, अजमेर को कनिष्ठ सहायक व कनिष्ठ तकनीकी सहायक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंषा की है। साथ में पंचायत समिति पीसांगन के विकास अधिकारी दिलीप कुमार को कार्यस्थल पर नियोजित मेटों को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए।।
प्रथम दृष्टया दोषी माना
एसडीएम भाटी ने बताया कि ग्राम पंचायत डोडियाना में मनरेगा कार्यस्थल मिश्री रेगर के खेत के पास चरागाह विकास कार्य के अंतर्गत संचालित कार्य में मेट, कनिष्ठ सहायक व कनिष्ठ तकनीकी सहायक को प्रथम दृष्टया दोषी माना गया है। श्रमिकों की उपस्थिति दर्शाने की गुप्त गोपनीय शिकायत प्राप्त होने पर मनरेगा कार्यस्थल का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान 4 में से 2 मेट सत्यनारायण व शोभा देवी भी अनुपस्थित रहे। अन्य दो मेट लालचंद व ओमप्रकाश ने भी निरीक्षण के समय तक श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज नहीं की थी।
मानव श्रम की बजाए मशीन से कार्य
एसडीएम भाटी के अनुसार 8 मई से यहां मनरेगा कार्य शुरू हुआ है। मस्टररोल में 208 श्रमिकों के नाम दर्ज हैं। जांच के दौरान श्रमिकों बताया कि पहले दिन भी कई श्रमिक कार्यस्थल पर ही नहीं आए थे। साथ ही मानव श्रम की जगह जेसीबी से मिट्टी खुदाई कराई गई। कार्यस्थल पर इसके सबूत मिले हैं। इस पर उपखंड अधिकारी भाटी ने कनिष्ठ सहायक को मौके पर बुलाया तो उसने जवाब दिया कि 8 मई को दोपहर 1 बजे कार्य का निरीक्षण किया गया था, लेकिन उसने मस्टररोल में हस्ताक्षर नहीं किए। उस दिन नियोजित श्रमिकों की अपेक्षा कम उपस्थित थे। इससे स्पष्ट हुआ कि कनिष्ठ सहायक को जानकारी होने के बावजूद मेटो ने शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्शाकर फर्जीवाड़ा किया है।
नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाने की अनुशंषा
मनरेगा कार्यस्थल पर फर्जीवाड़ा मिलने पर कनिष्ठ तकनीकी सहायक एवं कनिष्ठ सहायक की मिलीभगत नजर आई है। इस पर अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, अजमेर को कनिष्ठ सहायक ग्राम पंचायत डोडियाना नजीर चीता व कनिष्ठ तकनीकी सहायक प्रदीप पाराशर के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाने की अनुशंषा की है।





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