बीकानेर. वाणिज्यिक कर अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा करने वाली एक फर्म के खुलासे को लेकर हरियाणा सरकार से संपर्क साधा है। विभाग में पंजीकृत गणपति ट्रेडिंग कम्पनी ने कागजों में करोड़ों की खरीद दिखा हरियाणा और राजस्थान सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाया था। फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद संबंधित फर्म के पंजीयन को निरस्त कर दिया गया है।
फर्जी कम्पनी की गारंटी देने वाली दो फर्मों के पंजीयन और जमानत देने वालों की जांच को लेकर स्थानीय अधिकारियों ने हरियाणा सरकार से मदद मांगी है। गौरतलब है कि गणपति ट्रेडिंग कम्पनी ने अपना व्यवसाय स्थल वृन्दावन एन्कलेव में बताया था, जबकि जांच में वहां कोई नहीं मिला। इतना ही नहीं, फर्जी कम्पनी की गारंटी देने वाली दो फर्मों के दस्तावेज और उनके जमानती भी फर्जी पाए गए।
हुआ था संदेह
स्थानीय वाणिज्यिक कर अधिकारियों को इस कम्पनी के लेन-देन पर संदेह हुआ तो इसकी जांच शुरू की गई। बताया जाता है कि फर्जीवाड़े का यह प्रकरण करीब २०० करोड़ रुपए से अधिक का है। प्रकरण की शिकायत करने वाले सहायक वाणिज्यक कर अधिकारी राजकमल बिश्नोई बताते हैं कि इस संबंध में फर्म मालिक के खिलाफ सदर थाना पुलिस में एफआइआर दर्ज करवाई है। मामले से जुड़े धिकारियों व आरोपी व्यापारियों के खिलाफ अगली कार्रवाई के लिए हरियाणा सरकार से संपर्क साधा जा रहा है।





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