बालोतरा. राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल ने बालोतरा सीइटीपी प्लांट पर प्रदूषित पानी के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया है तथाभविष्य में गलती नहीं करने के लिए सवा करोड़ की गारंटी के साथ आगामी आदेश तक प्लांट बंद करने के आदेश दिए हैं। इससे यहां 383 कारखानें बंद होने की नौबत आ गई है और 40 हजार से अधिक श्रमिक प्रभावित होंगे।
बालोतरा के कारखानों से निकलने वाले प्रदूषित पानी को सीइटीपी प्लांट खेड़ और बालोतरा में बनाए गए एचआरटीएस में डालता है। ये एचआरटीएस तूफानी बारिश के दौरान फूट गए और इनका पानी लूनी नदी में चला गया। इसकी शिकायत होने के बाद राज्य प्रदूषण मण्डल ने इसको गंभीरता से लेते हुए सीइटीपी प्लांट संचालकों को तुरंत प्रभाव में कारखानों से पानी लेने पर पाबंदी लगा दी है।
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1.50 किलोमीटर नदी प्रदूषित
बीते दिनों अंधड़ के दौरान खेड़ के निकट 276 बीघा में बना एचआरटीएस फूट गया। इससे 1.50 किमी तक नदी प्रदूषित हुई है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने इसे गंभीर मानते हुए दोनों को तुरंत प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं। प्रदूषण संबंधी शिकायत पर मंडल ने इस संबंध में एक कमेटी का गठन किया। कमेटी ने गत 11 व 12 मई को मौका मुआयना कर रिपोर्ट मंडल को सौंपी। उसी आधार पर ये निर्णय हुआ है।
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ये दिए निर्देश
- बालोतरा स्थित सीइटीपी को तुरंत बंद कर दिया जाए तथा आगामी निर्देश तक एचआरटीएस में पानी निस्तारित नहीं किया जाए।
- आगामी निर्देश तक सीइटीपी में किसी भी सदस्य कारखाने का अपशिष्ट पानी नहीं लिया जाएगा।
- नदी तथा आस-पास के पर्यावरण को हुए क्षति के लिए एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना राशि दो सप्ताह में राज्य बोर्ड को जमा करवानी होगी। सीइटीपी ट्रस्ट इसे अपनी सदस्य इकाइयों से वसूल सकेगा।
- ट्रस्ट प्रदूषित पानी के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर दो सप्ताह में प्रस्तुत करेगा तथा भविष्य में इस तरह की घटना का दोहराव नहीं हो इसके लिए सवा करोड़ रुपए की प्रफोरमेंस गारंटी भी देगा।
- ट्रस्ट इन सभी निर्देशों की 15 दिवस में पालना कर उसकी रिपोर्ट राज्य मंडल को प्रस्तुत करेगा।
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यह बताई गलतियां
नदी के किनारे दोनों एचआरटीसी के निर्माण की इजाजत ही नहीं।
- प्रदूषित पानी को निस्तारित करने का तरीका सही नहीं है तो फिर किस आधार पर लिया जा रहा है।
- पूर्व में कई बार लापरवाही को लेकर बताया गया लेकिन सुधार नहीं हुआ।
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प्रदूषण बर्दाश्त नहीं
प्रदूषण बर्दाश्त नहीं होगा। यह उच्चतम न्यायालय और एनजीटी के भी आदेश हैं। जहां उद्योग नियमानुसार काम कर रहे हैं उनकी प्रगति होनी चाहिए लेकिन जहां प्रदूषण है वहां राज्य हित में पाबंदी लगाना न्यायिक प्रक्रिया है।शैलजा देवल, सदस्य सचिव, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल
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लगाया जुर्माना
सीईटीपीट्रस्ट पर एक करोड़ रुपए का मंडल ने जुर्माना लगाया है। एचआरटीएस की पाळ का पक्का निर्माण नहीं होने तक बंद रखने के आदेश दिए गए। - विनय कुमार कट्टा, क्षेत्रीय अधिकारी राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल बालोतरा
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- नहीं करे चिंता
उद्यमी चिंता नहीं करें। बालोतरा इंडस्ट्री शीघ्र शुरू करवाई जाएगी। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।- सुरेश मेहता, अध्यक्ष सीइटीपी





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