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पुलिसकर्मियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा ये मामला, जाने क्या है मामला


सीकर.

प्रदेश में 12 मई रविवार को आयोजित पीटीईटी एवं 4 वर्षीय बीएससी बीएड, बीए बीएड प्रवेश परीक्षा में पुलिसकर्मियों से एक बार फिर बेगारी की तैयारी है। राजकीय महाविद्यालय डंूगर कॉलेज बीकानेर को इस परीक्षा के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालय व कस्बों में कुल 1523 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रति केन्द्र न्यूनतम 2 जवान भी तैनात किए गए तो यह संख्या तीन हजार के पार पहुंचती है। परीक्षा आयोजन के लिए नियुक्त केन्द्राध्यक्ष, अतिरिक्त केन्द्राध्यक्ष, वीक्षक, एलडीसी से लेकर चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को विभिन्न ग्रेड व कार्य अनुसार मानदेय तय है, लेकिन केन्द्रों पर सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले पुलिस के जवानों की भूमिका को इस बार नजरअंदाज कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थानीय स्तर पर पुलिस विभाग से संपर्क की जिम्मेदारी भी केन्द्र को सौंपने की तैयारी है।
गत वर्ष मिला था मानदेय
इस पूर्व गत वर्ष महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, अजमेर की ओर से यह परीक्षा आयोजित की गई थी। विवि ने प्रारंभिक स्तर पर पुलिस जवानों के लिए मानदेय तय नहीं किया था। इस मामले को राजस्थान पत्रिका में उजागर करने के बाद विवि प्रशासन ने तुरंत निर्णय कर प्रति पुलिसकर्मी 200 रुपए मानदेय देने का निर्णय किया था।
आवेदन से करोड़ों की आय
2 वर्षीय बीएड एवं 4 वर्षीय इंटीग्रेटेट कोर्स के लिए इस वर्ष करीब साढ़े पांच लाख अीियार्थियों ने आवेदन किए हैं। प्रति आवेदन 500 रुपए शुल्क लिया गया है। ऐसे में कॉलेज को आवेदन मात्र से ही करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रति पुलिसकर्मी मानदेय से कोई विशेष आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।

पुलिस जवानों को अलग से मानदेय देने की हमें जानकारी नहीं है। गत वर्ष दी गई है तो वह विश्वविद्यालय स्तर पर निर्णय किया गया होगा। महाविद्यालय के पास ऐसा कोई आदेश नहीं है।
विजय ऐरी, सहसमन्वयक, पीटीइटी-2019

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