करौली. लोकसभा चुनाव के लिए करौली के मतदान केन्द्रों पर सुबह से मतदाताओं की लाइन लगना शुरू हो गया। सुबह सात बजे मतदान शुरू हो गया। इस दौरान दो-तीन मतदान केन्द्रों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी होने की जानकारी भी सामने आई, लेकिन २० मिनट बाद मतदान चालू हो गया। करौली के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के मतदान बूथ १४०, हिण्डौन सिटी के बूथ नम्बर २०५ पर ईवीएम में खराबी हो गई, जिसे आधे घंटे बाद ठीक किया जा सका। जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार सपोटरा, करौली, हिण्डौन सिटी, टोडाभीम विधानसभा के सभी मतदान केन्द्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान चल रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ ईवीएमों में तकनीकी खराबी सामने आई, जिसे दुरस्त कर दिया गया है।
गर्मी की वजह से सुबह से ही लाइन लगी
करौली सहित प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है, इस कारण मतदान केन्द्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लाइन लगी है। महिला तथा नए मतदाता भी काफी संख्या में घरों से निकल कर मतदान केन्द्रों पर पहुंच रहे है।
करौली-धौलपुर संसदीय क्षेत्र के लिए सोमवार को मतदान होगा। संसदीय क्षेत्र के १८ लाख १० हजार ५७४ मतदाता लोकतंत्र के पर्व में मतों की आहुति देंगे। इनमें ८ लाख ७२०७ मतदाता धौलपुर में हैं, जबकि १० लाख ३३६७ करौली जिले में शामिल हैं। मतदान के लिए संसदीय क्षेत्र में कुल १९८७ मतदान केन्द्र बनाए गए हैं, जिनमें १०५५ केन्द्र करौली तथा ९३२ केन्द्र धौलपुर में बनाए हैं। गौरतलब है कि वर्ष २००९ में करौली-धौलपुर संसदीय क्षेत्र के अस्तित्व में आने के बाद इस सीट पर यह तीसरा चुनाव हो रहा है।
अतिसंवेदनशील केन्द्रों पर तैनात होगा केन्द्रीय सुरक्षा बल
करौली.लोकसभा चुनाव के लिए लगभग चार हजार पुलिस व केन्द्रीय सुरक्षा बल का जाप्ता तैनात किया है। इस दौरान अतिसंवेदनशील केन्द्रों पर केन्द्रीय सुरक्षा बल लगाया है। जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में १०५५ केन्द्रों में से २९२ मतदान केन्द्र संवेदनशील है। इसके अलावा ६० मदान केन्द्रों को भयग्रस्त माना गया है। जिन पर ६० लाइव बेव कांस्टिग अधिकारी नियुक्त कर प्रत्येक गतिविधि लाइव दिखाने का व्यवस्था की गई है। मतदान की प्रक्रिया को सुबह से जिला निर्वाचन,जयपुर व दिल्ली में बैठे अधिकारी निगरानी करेंगे। मतदान केन्द्रों पर लाइव वेब कास्टिंग सुबह से होगी। मतदान केन्द्र की परिधि में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था होने पर सुरक्षा जाप्ता उसे नियंत्रित नहीं कर पाता है तो अधिकारी लाइव को देख जाप्ता भेज सकेंगे। इसके अलावा केन्द्र पर कर्मचारियों की लापरवाही पर भी निगरानी रखी जाएगी।





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