कोटा. लोकसभा चुनाव ( Lok Sabha Election 2019 ) में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ दुष्प्रचार करने तथा पार्टी को हराने के लिए काम करने की शिकायतें भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ( bjp national president amit shah ) तक पहुंच गई है, लेकिन शहर अध्यक्ष हेमंत विजयवर्गीय अभी भी आंखें बंद कर बैठे हुए हैं। विजयवर्गीय कह रहे है कि उनके पास पार्टी की बगावत करने की कोई शिकायत नहीं आई है और न चुनाव प्रचार के दौरान ऐसा कोई मामला सामने आया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया उपयोग नहीं करता, कैसे पता चलेगा शहर में क्या चल रहा है।
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हैरानी की बात यह है कि पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल खेमे ने शहर अध्यक्ष के खिलाफ भी मोर्चा खोल रखा था, लेकिन अब चुप्पी साध लेना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय है। कार्रवाई के नाम पर वे 'साइलेंट मोड पर आ गए है। चुनाव के दौरान बगावत करने वाले पदाधिकारियों की सूची पार्टी मुख्यालय को भेज दी गई थी। तब प्रदेश पदाधिकारियों ने कहा था कि लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान होने के बाद इस मामले पर बात होगी। अब प्रदेश में मतगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके चलते अब दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी है। प्रदेश व राष्ट्रीय नेतृत्व को सबूतों के साथ शिकायत भेजी गई है। इसमें सोशल मीडिया पर वायरल किए गए मैसेज, वीडियो आदि के स्क्रीन शॉट भी भेजे गए हैं।
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'मुझे कुछ नहीं पता
सवाल : लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की
शहर अध्यक्ष : मेरे पास दुष्प्रचार व बगावत की कोई शिकायत नहीं आई है, कैसे कार्रवाई करें।
सवाल : पार्टी के वॉट्स अप ग्रुप और फेसबुक पर वीडियो व कई मैसेज डाल रखे थे।
शहर अध्यक्ष : फेसबुक चलाए ही ढाई साल हो गया है, न वाट्स अप चलाता हूं। इस कारण दुष्प्रचार के कोई वीडियो मेरे पास नहीं पहुंचे हैं।
सवाल : क्या पार्टी ने दुष्प्रचार करने वालों की सूची मांगी है।
शहर अध्यक्ष : इस बारे में अभी तक कोई सूची नहीं मांगी है। हो सकता है सीधे अन्य लोगों से जानकारी ली हो।
फिर आईटी सेल ने क्या किया
बागियों को राजी रखने के चक्कर में पार्टी के पार्टी के पदाधिकारी भले ही मुंह नहीं खोल रहे हो, लेकिन पार्टी के जानकारों का कहना है कि भाजपा में आईटी सेल सक्रिय है। यह सेल अपनी पार्टी के प्रचार सामग्री को तो सोशल मीडिया पर पोस्ट करती ही है। साथ ही बागियों और अन्य दूसरे दलों के प्रचार प्रसार पर भी निगाह रखती है। जिलाध्यक्ष को अगर बागियों की हरकतों की जानकारी नहीं है तो आईटी सेल ने भी उन्हें जानकारी नहीं दी।
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कार्रवाई के भय से याद आ रही पार्टी
कोटा में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार कर चुके अनेक बागी अब दूसरे राज्यों में पार्टी का प्रचार करते सोशल मीडिया पर नजर आ रहे हैं। वहां वे पार्टी के बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचवा कर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर वायरल कर रहे हैं।





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