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अब थाली से दूर होने लगी दाल

भीनमाल. अक्षय तृतीया पर अबूझ सावों के चलते क्षेत्र में एक ओर इन दिनों शादी-विवाहों की धूम मची हुई। सावों की सीजन के बीच महंगाई भी बढ़ रही है। शादी-विवाहों के आयोजन के चलते खाद्य सामग्री की डिमाण्ड बढ़ी हुई है। ऐसे में पिछले 10 दिनों से यहां पर दालों के दाम में बढ़ गई है। हरेक प्रकार की दाल के दाम प्रति किलो 5 से 10 रुपए तक बढ़ गए है। एक तरफ क्षेत्र में हरी सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे है। ऐसे इन दिनों में दालों के दाम बढऩे से गृहणियों के रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। दरअसल, दालों में प्रोटिन की मात्रा पर्याप्त होता है। ऐसे में लंच के दौरान लोग दाल का सेवन करते है, लेकिन दाम बढऩे से गरीब तबके के लोगों के लिए काफी मुश्किल बढ़ा दी है। क्षेत्र में जहां हरी सब्जियां 60-100 रुपए प्रति किलो के करीब है। ऐसे में दालों में बढ़े दाम से लोगों को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। गृहणियों का कहना है कि हरी सब्जियों के दाम बढऩे से लंच के दौरान एक समय दाल भी बना लेते थे, लेकिन दालों के बढ़े दाम से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले साल क्षेत्र में अकाल पडऩे की वजह से से मूंग, चना, अरहर, मोगर व तूअर दाल की उपज नहीं हुई है। ऐसे में इन दिनों मांग बढऩे से दालों के दाम बढ़े है।
यों बढ़े दालों के दाम
क्षेत्र में 17 अप्रेल से सावों की सीजन शुरू हुई। अक्षिय तृतीया पर अबूझ सावा है। ऐसे में खाद्य साग्रमी की मांग भी एकाएक बढ़ गई है। मांग बढऩे से दाल गरीब तबके के लोगों की रसोई से दूर हो रही है। पिछले 15 दिन पूर्व मूंग दाल 66 रुपए प्रति किलो थी, वहीं अब 72 रुपए प्रति किलो है। इसके अलावा मोगर दाल के दाम 70 से बढ़कर 77, तुअर के 65 से बढ़कर 70, मसूर के 70 से बढ़कर 75, चनादाल के 58 से बढ़कर 63, उड़ददाल के 80 से 85 रुपए प्रति किलो हो गए है।
कालाबाजारी की आशंका
सावों की सीजन में खाद्य सामग्री के दाम मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सामग्री की कालाबाजारी भी शुरू हो जाती है। मांग बढऩे से क्षेत्र में दाल की कालाबाजारी होने की आशंका बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि एकाएक दालों के दाम बढऩा कालाबाजारी हो सकती है। सावों की सीजन में हर साल एक-दो खाद्य सामग्री के दाम बढ़ जाते है। पिछली बार चक्कर के दाम आसमान छू गए थे।
गड़बड़ा रहा है रसोई का बजट
एक तरफ हरी सब्जियों के दाम बढ़े हुए है। वहीं अब दाल के दाम भी बढ गए है। दाल व हरी सब्जियों के दाम बढऩे से रसोई का बजट गड़बड़ा रहा है। सावों के चलते हरी सब्जियां भी महंगी है।
संतोषदेवी, गृहिणी
एकाएक बढ़े दाम
पिछले 15 दिनों से दाल के दाम बढ़ गए है। हरेक प्रकार की दाल के दाम बढ़े है। कमजोर तबके के लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। डिमाण्ड बढऩे से कालाबाजारी भी हो सकती है।
भगवतीदेवी, गृहिणी
मांग बढ़ी है
इन दिनों सावों के चलते दालों की डिमाण्ड बढ़ी हुई है। आगे से सप्लाई भी शॉर्ट है। डिमाण्ड बढऩे व सप्लाई कम होने से दालों के दाम बढ़े है। चना दाल व मूंग दाल के दाम के दाम कम बढ़े है।
नरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ-भीनमाल



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