अजमेर/पादूकलां. गैंगरेप की शिकार नाबालिग पीडि़ता न्याय के लिए चार माह से भटक रही है। पीडि़ता ने नागौर पुलिस पर मामला दबाने का आरोप भी लगाया है। पीडि़ता ने कहा कि पुलिस महानिरीक्षक रेंज अजमेर के समक्ष धरना देकर निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की जाएगी। न्याय नहीं मिलने पर उसने आत्मदाह करने की चेतावनी दी है।
झूठा मामला दर्ज
पीडि़ता ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को बचाने के चक्कर में उसके परिजनों पर झूठा मामला दर्ज कर फंसा रही है। पीडि़ता के परिजनों ने बताया कि 14 जनवरी की रात को ही पुलिस को इसकी रिपोर्ट दी थी। पुलिस किसी दबाव के चलते तीन दिन तक उसे टरकाती रही। आखिर चौथे दिन 17 जनवरी को धारा 457, 376 डी और पोक्सो एक्ट की धारा 5 और 6 में एफआइआर दर्ज की गई थी।
अपने ननिहाल आई थी..
पुलिस ने 21 जनवरी को पीडि़ता का मेडिकल कराया और 164 में बयान करवाए। आरोपी योगेश उर्फ राजूराम, पूराराम व गोदाराम ने रेप किया तथा अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी। पीडि़ता अपने ननिहाल आई हुई थी। जब तीनों आरोपी दीवार फांद रहे तो किसी ने उन्हे देख लिया था। इस पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। आरोपियों में से दो भागने में सफल हो गए, लेकिन योगेश उर्फ राजूराम पकड़ा गया। इसके बाद वह कमरे में घुस गया और भीतर से बंद कर लिया था। योगेश ने छत के कूंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली थी।
जांच मेरे पास 22 फरवरी को आई थी, इस मामले को लेकर जांच करके 16 अप्रेल को पुलिस महानिरीक्षक रेंज अजमेर को भिजवा दी थी। दोनों आरोपी अभी फरार चल रहे है। पुलिस महानिरीक्षक संजीव कुमार नर्जरी ने पुलिस अधीक्षक नागौर को जांच के आदेश दिए थे। पुलिस अधीक्षक मृतक आरोपी के मेडिकल बोर्ड से हुए पोस्टमार्टम के बारे में राय लेकर फिर से जांच करने के आदेश दिए हैं।
भंवर रणधीरसिंह, सीओ भीलवाड़ा





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