भवानीसिंह राठौड़
बाड़मेर. केस.1 - शहर निवासी पार्वती पत्नी पुरखाराम के मोबाइल पर 40 हजार रुपए निकाले जाने का मैसेज आया। उसने इस बारे में परिवार से पूछा तो कोई नहीं तैयार था। पार्वती बैंक पहुंची और इसकी जानकारी दी। बैंक अधिकारी बोले हमें कुछ नहीं मालूम आप तुरंत एफआईआर करवा दो। पार्वती ने थाने में एफआईआर करवा दी है। पुलिस का एक ही जवाब है जांच कर रहे है। पार्वती बार-बार कहकर अब यह मान बैठी है कि उसके साथ ठगी हो गई।
केस.2 - परो निवासी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी धीरभारती पुत्र रामभारती गोस्वामी के बैंक खाते से देर रात 12 बजे दो किश्तों से 40 हजार रुपए निकलने के मैसेज मिले। उस वक्त एटीएम उसकी जेब में था। फिर भी खाते से पैसे निकल गए। धीर भारती यह बात बैंक व पुलिस को बता चुका है लेकिन उसको संतोषप्रद जवाब नहीं मिल रहा है। वह खुद को ठगा महसूस करने लगा है।
केस.3 - महाबार निवासी ताराराम के बैंक खाते से दो किश्तों में 40 हजार रुपए निकाल दिए। जबकि एटीएम उसके पास था। और मोबाईल पर कोई ओटीपी दर्ज नहीं करवाई। अब पीडि़त पुलिस व बैंक के चक्कर काट रहा है।
बैंक खाते में रुपए और जेब में एटीएम रखकर विश्वास करने वाले लोगों का भरोसा धोखा खाने लगा है। उनके खाते से रुपए निकाले जा रहे है और उन्हें खबर ही नहीं। बैंक यह कहकर पल्ला झाड़ रहे है कि उन्होंने पिन नंबर किसी को बता दिए होंगे, एटीएम का उपयोग करते हुए सावधानी नहीं बरती होगी, कहीं एटीएम के पिन किसी को बता दिए होंगे वगैरह-वगैरह।
ठगे हारे लोग पुलिस के पास एफआईआर लेकर पहुंच रहे है तो अव्वल तो पुलिस यह कहकर टरका रही है कि इसमें होना जाना कुछ नहीं है, यों ही परेशानी मोल ले रहे हों। अगली बार सावधानी रखना।
ठगा व्यक्ति जिद्द पकड़ ले तो एफआईआर दर्ज की ओर इतिश्री। एेसे में साइबर ठगी के शिकार लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि अब वे जेब पर पड़े इस डाके के लिए किस द्वार जाए ताकि उनकी रकम वापिस मिले?
सावधान, यह क्लोनिंग है
साइबर एक्सपर्टव्यू
एटीएम के पीछे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए कार्ड वेरिफिकेशन वेल्यू (सीवीवी) छपा होता है। इस नंबर को याद कर मिटा दें। यह नंबर आपके काम नहीं आता है, जबकि साइबर ठग इस कोड से ऑनलाइन शॉपिंग कर धोखा करते है। एटीएम में हमेशा पिन कोड डालते समय हाथ से ढ़कें क्योकिं हिडन कैमरों से पासवर्ड चोरी हो रहे है। वहीं मॉल व होटलों में कार्ड स्वाइप करने के लिए कभी पिन न बताएं।
ऐसे में क्लोनिंग करने की संभावना रहती है। बदमाश एटीएम के सीक्रेट कोड चोरी करके नया एटीएम बना लेते है। चाइना में 200-500 रुपए में ब्लैंक एटीएम मिलते है, बदमाश उनपर आपके कोड डालकर यूज करते है। बहुत बार वे चालाकी से ऐसी जगह पर कार्ड बदल देते है। इसलिए स्वाइप मशीन अपने हाथ में लेकर पिन कोड डालें और इस वक्त सीसीटीवी कैमरों पर नजर रखे।
- गौतम कुमावत, सीबीआई गेस्ट साइबर फैकल्टी एंड ट्रेनर, जयपुर
- दो मामले आए है,
अभी हमारे बैंक से जुड़े दो मामले सामने आए है। जिसकी थानों में एफआइआर दर्ज हुई है। पुलिस जांच कर रही है। यह मामले समझ में नहीं आ रहे है। संभवत: एटीएम कार्ड क्लोनिंग हो रही है।
- गोपीनाथ, शाखा प्रबंधक, एसबीआई, कलेक्ट्रेट, बाड़मेर





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