कोटा. देश की की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन्स 2019 में राजस्थान का जलवा एक बार फिर कायम रहा। 100 में से 100 परफेक्ट परसेंटाइल हासिल करने वाले छात्रों में सबसे ज्यादा चार छात्र इसी राज्य के रहे। हालांकि तेलंगाना के चार छात्रों ने भी पहली बार परफेक्ट परसेंटाइल हासिल कर नया कीर्तिमान रचा है। दो बार परीक्षा देने का मौका मिलने का नतीजा यह रहा कि फाइनल रिजल्ट ने 15 राज्यों के टॉपर्स बदल डाले।
31 एनआईटी, 24 ट्रिपल आईटी और 24 जीएफटीआई की 26,000 से अधिक और स्टेट इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट्स एवं यूनिवर्सिटीज की लाखों सीटों पर दाखिले के साथ-साथ आईआईटी में दाखिले के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस में शामिल होने की पात्रता हासिल करने को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पहली बार साल में दो बार जेईई मेन्स परीक्षा आयोजित कराई थी। एनटीए की इस कवायद का असर यह हुआ कि जनवरी में परीक्षा देने के बाद छात्रों को अपनी खामियों का पता चल गया और उन्होंने दो महीने में कड़ी मेहनत कर पहले से बेहतर तैयारी की। जनवरी के मुकाबले अप्रेल की परीक्षा कठिन होने के बावजूद स्थिति यह रही कि पहले अटेम्प्ट में चूकने वाले छात्रों ने दूसरे अटेम्प्ट में कई गुना बेहतर परिणाम देकर बड़ा उलटफेर कर डाला।
बदल गए टॉपर्स
करियर पॉइंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट देव शर्मा ने बताया कि जनवरी और अप्रेल की परीक्षा में बैठे छात्रों की संख्या और उनके औसत अंकों के आधार पर जब दशमलव के सातवें हिस्से तक आए अंकों का नॉर्मलाइजेशन कर परसेंटाइल निकाला गया। एनटीए ने जनवरी अटेम्प्ट के रिजल्ट के साथ ही स्टेट टॉपर्स की सूची जारी की। जबकि अप्रेल में दोनों परीक्षाओं के फाइनल स्टेट टॉपर्स की लिस्ट जारी की। जिसमें चौंकाने वाली बात यह रही कि फाइनल रिजल्ट में जनवरी के रिजल्ट से ज्यादा संघर्ष और कठिनाई होने के बावजूद 13 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के टॉपर्स ही बदल गए। जेईई मेन्स जनवरी के रिजल्ट के मुताबिक शुभंकर गंभीर और संबित बेहरा को संयुक्त रूप से राजस्थान का स्टेट टॉपर घोषित किया गया था, लेकिन फाइनल रिजल्ट में यह जगह निशांत अभागी ने हथिया ली। । पड़ोसी राज्य हरियाणा की बात करें तो जनवरी में "आशुतोष सिंगला " द्वारा स्टेट टॉप किया गया था किंतु अप्रैल अटेम्प्ट के पश्चात अंतिम परिणाम के आधार पर हरियाणा राज्य के स्टेट टॉपर का स्थान "द्रव्य मारवाह " द्वारा हासिल किया गया।
कुल मिलाकर बात की जाए तो अप्रैल अटेम्प्ट के पश्चात 13 राज्यों के तथा 2 केंद्र शासित प्रदेशों के स्टेट टॉपर्स बदल गए।
केंद्र शासित प्रदेशों में लक्ष्यदीप हेतु जनवरी अटेम्प्ट के आधार पर "अब्दुल जावेद द्वारा टॉप किया गया था। लेकिन अंतिम परिणाम के आधार पर लक्ष्यदीप के टॉपर होने का गौरव "टॉम साजू द्वारा प्राप्त किया गया।
जनवरी 2019 अटेम्प्ट के परिणामों के आधार पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 100 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले कुल 15 विद्यार्थियों की सूची जारी की थी ।
देव शर्मा ने बताया कि चौंकाने वाली बात यह थी कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से कोई विद्यार्थी इस सूची में शामिल नहीं था। अर्थात दिल्ली से कोई विद्यार्थी 100 परसेंटाइल प्राप्त नहीं कर सका था। यही हाल पड़ोसी राज्य हरियाणा का भी था।
अप्रैल अटेम्प्ट के पश्चात जब अंतिम परिणाम जारी किए गए तो 100 परसेंटाइल प्राप्त करने वालों की यह सूची थोड़ी लंबी हो गई।
हरियाणा से 2 विद्यार्थी, दिल्ली से 1 विद्यार्थी, तथा झारखंड से 1 विद्यार्थी ने इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान बनाया।
मध्य प्रदेश से जनवरी की सूची में एक विद्यार्थी शामिल था किंतु अप्रैल के बाद यह संख्या बढ़कर 3 हो गई। राजस्थान से जनवरी की सूची में 2 विद्यार्थी शामिल थे किंतु अप्रैल के पश्चात यह संख्या 4 हो गई। इसी प्रकार आंध्र प्रदेश से यह संख्या 1 से बढ़ कर 2 हो गई।
शैक्षिक क्षेत्रफल के आधार पर भी राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य
1. 100 परसेंटाइल स्कोर के सर्वाधिक विद्यार्थी राजस्थान एवं तेलंगाना से ।। महाराष्ट्र एवम् मध्य प्रदेश संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर
2. निशांत अभांगि, संबित बेहरा, शुभंकर गंभीर तथा समीक्षा दास ने 100 परसेंटाइल हासिल कर रोशन किया राजस्थान का नाम समीक्षा दास को राजस्थान से एक मात्र महिला अभ्यर्थी होने का गौरव हासिल
3. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा अंतिम तौर 100 परसेंटाइल प्राप्त करने वाले 24 विद्यार्थियों की सूची जारी की गई है।
देव शर्मा ने बताया कि यदि की सूची पर गौर किया जाए तो सर्वाधिक विद्यार्थी राजस्थान एवं तेलंगाना से है। राजस्थान एवं तेलंगाना के चार -चार विद्यार्थियों ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किया है। राजस्थान राज्य से निशांत आभांगी, शुभंकर गंभीर,संबित बेहरा तथा समीक्षा दास ने 100 परसेंटाइल प्राप्त किया। समीक्षा दास इस सूची की एकमात्र महिला अभ्यर्थी है।इस सूची में दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश संयुक्त रूप से है। महाराष्ट्र एवम् मध्य प्रदेश के तीन-तीन विद्यार्थियों में इस सूची में स्थान बनाया है।
उत्तर प्रदेश,आंध्र प्रदेश तथा हरियाणा प्रत्येक से दो विद्यार्थी। पंजाब कर्नाटक दिल्ली एवं झारखंड प्रत्येक से एक- एक विद्यार्थी सूची में शामिल है। देव शर्मा ने बताया कि राजस्थान राज्य का इस सूची के शीर्ष पर होना यह प्रदर्शित करता है कि राजस्थान सिर्फ भौगोलिक क्षेत्रफल की दृष्टि से ही देश का सबसे बड़ा राज्य नहीं अपितु शैक्षिक क्षेत्रफल की दृष्टि से भी देश का सबसे बड़ा राज्य है।राज्य के शीर्ष पर होने के इस गौरव में कोचिंग सिटी कोटा का अति महत्वपूर्ण योगदान है।





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