-विज्ञान में जिले में सर्वाधिक अंक
पाली। काणदरा गांव की सरकारी स्कूल के सैकंड ग्रेड शिक्षक नेमीचंद पालीवाल की बेटी ने बारहवीं विज्ञान में जिले में टॉप किया है। कोटा में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही मानसी को जैसे ही जिले में टॉप करने की जानकारी मिली, वह खुशी से झूम उठी। वंदे मातरम सीनियर सैकंडरी स्कूल पाली की छात्रा मानसी ने 98.20 फीसदी अंक हासिल किए हैं। मानसी के पिता नेमीचंद और मां मंजू भी बेटी की इस कामयाबी पर प्रसन्न है। वह अपना करियर आइआइटी क्षेत्र में बनाएगी।
कारपेंटर की बेटी ने भरी हौंसले की उड़ान
फालना। मुश्किलें मजबूत इरादों के रास्ते कभी नहीं थाम सकती। यह साबित किया है ज्योतिका सुथार ने। कारपेंटर पिता बाबूलाल सुथार की पुत्री ज्योतिका ने बारहवीं विज्ञान में 96.80 प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित किया कि परिस्थितियां कैसी भी हो, यदि हौसला मजबूत हो तो मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता।
स्थानीय नोबल सीनियर सैकण्डरी स्कूल की छात्रा ज्योतिका के पिता ने बेटी की शिक्षा के लिए उन्होंने कभी अपने कदम पीछे नहीं खींचे। मां सीतादेवी भी ज्योतिका की पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया। कठोर परिश्रम के बल पर उसने विज्ञान में बेहतर परिणाम हासिल किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या करूणा गुर्जर का कहना है अभावों में पली ज्योतिका ने नाम कमाया है। वह इंजीनियरिंग कर प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है।
कमठा श्रमिक की जिद ने बेटे को पहुंचाया मंजिल तक
जैतारण। कमठा कारीगर मोतीलाल कुमावत की जिद ने बेटे हितेश को मंजिल के करीब पहुंचा दिया। हितेश ने बारहवीं विज्ञान में 96.60 प्रतिशत अंक हासिल कर पिता का नाम रोशन किया है।
जैतारण शहर के गायत्री नगर निवासी मोतीलाल कुमावत का पुत्र हितेश जैतारण के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत है। हितेश के पिता बांसिया गांव से बिलाड़ा में खेती का काम करने गए। पानी का संकट हुआ तो कमठा मजदूरी का काम किया। विपरीत हालात के बावजूद मोतीलाल ने अपने बेटे की पढ़ाई पर संकट नहीं आने दिया।
किसान पिता के सपनों को परवाज दे रहा बेटा
पाली। मणिहारी गांव के भंवरलाल खेती जरूर करते हैं, लेकिन बेटे की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। बेटा जगदीश भी पिता के सपनों को परवाज देने में जुटा हुआ है।
बुधवार को जारी हुए बारहवीं के परीक्षा परीणाम में जगदीश ने 95.20 फीसदी अंक हासिल कर अपने मजबूत इरादे जाहिर किए। वंदे मारतम सीनियर सैकंडरी स्कूल का छात्र जगदीश खेती में पिता का हाथ भी बंटाता है। जगदीश के परीक्षा परिणाम की जानकारी मिलते ही भंवलाल के घर में खुशी का माहौल छा गया। माता-पिता को अपने बेटे पर गर्व है। भविष्य में जगदीश आइआइटीयन बनकर पिता के सपनों को पूरा करेगा।





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