डॉ. सुशील कुमार सिंह/ उदयपुर. सलूम्बर से कीर की चौकी (एचएच-53) सड़क मार्ग पर तार-तार हुए 'कोलतारÓ (डामर) को लेकर राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट कार्पोरेशन (आरएसआरडीसी) की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। कुल 17 करोड़ 78 लाख लागत से तैयार सड़क पर बिखरी गिट्टी, डामर में आई दरारें, बड़े-बड़े गड्ढे और पहियों के साथ उड़ती धूल वाहन सवारों को नित नई चुनौती दे रही है। टोल वसूली के बावजूद कार्पोरेशन सड़क पर आम वाहन सवारों को सुविधाएं मुहैया कराने में सफल नहीं हो रहा है। लेकिन, पर्दे का पीछे छिपा सच कुछ ओर है। गारंटी अवधि समाप्ति से पहले कार्पोरेशन के जिम्मेदारों ने सड़क हस्तांतरित करते समय संवेदक से सड़क की मरम्मत नहीं कराई। नतीजा यह हुआ गारंटी अवधि की समाप्ति के 10 माह बाद ही पूरी सड़क बिखर चुकी है।गौरतलब है कि प्रतापगढ़ की संवेदक एजेंसी ने 27 नवम्बर 2011 को मिले कार्यादेश के तहत इस निर्माण कार्य को 24 जून 2012 को पूरा किया था। निविदा शर्तों में संवेदक को छह साल तक सड़क की देखरेख करनी थी। वहीं छह साल बाद यानी 24 जून 2018 को सड़क की स्थिति में सुधार कर कार्पोरेशन को सौंपनी थी। साख हुई खराब, अब निविदासलूम्बर-कीर की चौकी सड़क मार्ग की गुणवत्ता और गड़बडिय़ों के लगातार सामने आने के बाद चेते कार्पोरेशन ने अब संबंधित मार्ग पर पेच कार्य के लिए निविदा आमंत्रित करने की तैयारी की है। गुरुवार तक करीब 70 लाख लागत के पेच मरम्मत कार्य की ऑनलाइन निविदा अपलोड होगी। लेकिन, अब तक टोल चुकाकर मार्ग से गुजर रहे वाहन सवारों को हुई दिक्कतों को लेकर कार्पोरेशन के पास कोई जवाब नहीं है। वर्तमान में सलूम्बर को 0/0 किलोमीटर मानकर की कीरकी चौकी का कोना 73/00 पर आता है, लेकिन इसमें 5 किलोमीटर का बायपास शामिल है। सड़क के अधिकांश हिस्सों की हालत बदहाल है। टोल लेने को तैयार नहींखराब सड़क एवं यातायात के कम दबाव के कारण ही इस मार्ग पर बने हुए दो टोल केंद्रों को लेकर आमंत्रित निविदा को लेकर किसी भी संवेदक की ओर से उत्साह नहीं दिखाया जा रहा। लगातार तीसरी बार आमंत्रित निविदा के बाद भी किसी स्तर पर टोल वसूली को लेकर साहस नहीं दिखाया गया।
जल्द करेंगे पेंच कार्य
गारंटी अवधि के बाद तत्कालीन संवेदक से हमने सड़क दुरस्त करवा कर ही ली थी, बारिश के बीच सड़क में ज्यादा खराबी आई है। एक-दो दिन में निविदा आमंत्रित कर पेंच कार्य पूरे कराए जाएंगे।
दीपक परिहार, एईएन, आरएसआरडीसी बांसवाड़ा
मेरे अधीन नहीं
सलूम्बर से कीर की चौकी सड़क बांसवाड़ा प्रोजेक्ट डायरेक्टर के अधीन है। इसलिए इसके लिए जानकारी भी वहीं से मिल सकेगी।
एम.आर. नायक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, आरएसआरडीसी





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