प्रतापगढ़. जिले में इन दिनों सडक़ों की खराब हालात के चलते रोडवेज बसों को भी नुकसान हो रहा है। रोडवेज डिपो की अधिकांश बसें पहले से खटारा हैं। अब सडक़ मार्ग पर पूरी तरह से बसों में टूट-फूट हो रही है। इसके चलते बसे आए दिन रास्ते में ही खराब हो जाती है। कुछ बसें तो रूट पर चलने काबिल भी नहीं रही। ऐसे में मरम्मत के लिए वर्कशॉप में ही खड़ी है। शनिवार को भी रतलाम से प्रतापगढ़ आ रही रोडवेज की बस का सडक़ पर धचका लगने से मुख्य गेट सडक़ पर जा गिरा। इसी तरह बस का फ्रंट कांच भी निकल गया। चालक ने सावधानी बरतते हुए कांच को निकाल अन्दर बस में रखा, जिससे किसी को चोट नहीं आई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
यह है बसों की स्थिति
प्रतापगढ़ डिपो में 46 बसें है, जिसमें से 7 बसें मिनी है। हालांकि इन बसों में से 7 बसें पूरी तरह से कंडम हो चुकी है। इसमें से एक बस निगम मुख्यालय पर व 6 बसें प्रतापगढ़ वर्कशॉप पर खड़ी हुई है। रोडवेज की कई बसों के कंडम होने जाने के बाद भी राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से नई बस व इन बसों के पाट्र्सउपलब्ध नहीं करवा पा रही। इससे सभी बसें एक एक कर कंडम होती चली जा रही है। इससे रोडवेज की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है।
यात्रियों को रास्तों में लगाना पड़ता है ध्क्का
निगम की कई बसें बीच रास्ते में धोखा दे जाती है। बसों को रास्ते में धक्के देरक स्टार्ट करना पड़ता है। डिपो की कई बसेें खस्ताहाल के चलते वे रास्ते में कई बार खराब हो जाती है। पिछले दिनों भी छोटीसादड़ी में बीच मार्ग में निगम की बस खराब होने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
खटारा हो चुकी कई बसें
डिपो को मिली कई बसें इतनी खटारा हो चुकी है कि रास्ते में बस में खिडक़ी और दरवाजे बजने की आवाजें आती रहती है। दयनीय स्थिति में है की बस के हॉर्न के अलावा पूरी बस बजती है। ऐसे में यात्रियों को सफर के दौरान पूरे समय कर्कश आवाज को झेलना पड़ता है। यात्री बस बजने की आवाज सुन-सुनकर परेशान होते रहते हैं लेकिन कर कुछ नहीं पाते।
संसाधनों की भी कमी
वर्कशॉप में संसाधनों की भी भारी कमी है। मरम्मत एवं रखरखाव के लिए बसों के पाट्र्सनहीं मिल पा रहे है। बसों के पाट्र्स और टायर-ट्यूब सहित अन्य संसाधनों की समस्या भी बनी हुई है। ऐसे में संसाधनों की कमी के चलते बसों की मरम्मत और रखरखाव का कार्य बड़ी समस्या बना हुआ है।
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नहीं मिल रहे पाट्स्र
7 बसें पूरी तरह से कंडम हो चुंकी है। ऐसे में इनके पाटसर्् की जरूरत है जो आगे से बजट के अभाव में मिल नहीं पा रहे है।
इस्लामुद्दीन खां, मुख्य प्रबंधक रोडवेज डिपो, प्रतापगढ़
परेशानी तो है ही
डिपो की कई बसे खराब पड़ी हुई है। लेकिन पाट्र्स नहीं मिल पा रहे है। छह बसें प्रतापगढ़ वर्कशॉप पर खड़ी हुई है। वहीं एक बस मुख्यालय पर भेजी हुई है।
पुलकित चौधरी, कार्यवाहक प्रबंधक संचालन, रोडवेज डिपो, प्रतापगढ़





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