सवाईमाधोपुर. बढ़ती गर्मी और पानी की कमी से हरे चारे की किल्लत हो गई है।
पशुपालकों को सूखा चारा ( खांखला ) बढ़े हुए दामों पर खरीदना पड़ रहा है। इससे उनका बजट गड़बड़ा गया है। इधर, आवारा घूम रहे मवेशियों के सामने तो चारा -पानी नहीं मिलने से भूखे मरने की नौबत आ गई है।
बामनवास क्षेत्र में ज्यादा समस्या
बामनवास क्षेत्र में गर्मी के मौसम में चारे-पानी की ज्यादा समस्या आ रही है। बामनवास पट्टी कलां व कोचर की ढाणी में मवेशियों के लिए चारे-पानी के अभाव में मवेशी दम तोड़ रहे हैं।
लू व गर्मी से झुलसा हरा चारा
इन दिनों 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तापमान है। ऐसे में लू व गर्मी के चलते हरा चारा झुलस रहा है। बार-बार सिंचाई की आवश्यकता पड़ रही है। ऐसे में जिन किसानों के कुओं में पर्याप्त पानी है, वहां हरा चारा है, लेकिन तेज लू से बचाना उनके लिए भी चुनौती है। ऐसे में अब सूखे चारे की मांग बढ़ गई है।
यूं समझे चारे का गणित
पशुपालकों के अनुसार एक बड़े पशु को प्रतिदिन कम से कम दस किलो चारा चाहिए। इस हिसाब से प्रतिदिन सौ रुपए एक पशु पर खर्च हो रहे हैं। एक पशु पर महीने में चारे का खर्चा करीब तीन हजार रुपए बैठता है। अधिकांश पशुपालकों के पास पांच से सात पशु हैं। ऐसे में 15 से 20 हजार रुपए हर माह इनके चारे पर खर्च हो रहे हैं। यह खर्चा हर पशुपालक नहीं उठा सकता है।
बढ़ गए दाम
एक महीने पहले सूखे चारे के दाम चार सौ रुपए प्रति क्विंटल थे, जो अब बढ़कर साढ़े छह सौ रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गए हैं। इन दिनों सबसे अधिक दिक्कत पशुपालकों को उठानी पड़ रही है। जिले में 2012 की पशुगणना के अनुसार में 8 लाख 21 हजार पशु है।
ये बोले चारा विक्रेता व पशुपालक
-करीब एक महीने पहले चारे के भाव चार सौ रुपए प्रति क्विंटल थे, लेकिन अब गर्मी के चलते छह सौ से साढ़े छह सौ रुपए क्विंटल पहुंच गए हैं।
आरिफ, चारा विक्रेता, श्योपुर
-गर्मी व लू से हरा चारा झुलस गया है। चारा खत्म होने से परेशानी हो रही है। कई मवेशी चारे-पानी के अभाव में दम तोड़ रहे हैं।
हेमराज पटेल, पशुपालक, छाण
-गर्मी के मौसम में चारे-पानी की समस्या आ रही है। चारे-पानी की व्यवस्था के लिए पशुपाल विभाग को अवगत कराएंगे।
कमलेश गुर्जर, निवासी बाड़पुर
इनका कहना है
-जिले में बामनवास कोचर की ढाणी में चारे-पानी की समस्या है। इसके लिए सरकार की ओर से 12 लाख रुपए की लागत से 75 दिनों के लिए चारे-पानी की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा।
डॉ.ज्योति गुप्ता, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग, सवाईमाधोपुर





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