सवाईमाधोपुर. जिले में भूजल स्तर गिरता जा रहा है। लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। जिला मुख्यालय पर जलदाय विभाग की ओर से निर्धारित मात्रा के अनुसार भी जलापूर्ति नहीं की जा रही है। ऐसे में पानी की समस्या से निजात पाने के लिए घरों में नलकूप लगाने की होड़ सी मची हुई है। जिला मुख्यालय सहित छोटे.बड़े कस्बों में धड़ल्ले से बेरोकटोक नलकूप खोदकर नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। इसके बाद भी जलदाय, भू.जल संरक्षण विभाग व जिला प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे जल स्तर दिनों दिन नीचे जा रहा है।
ये है नियम
जलदाय विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगस्त 2011 में न्यायलय के आदेश के तहत घरों में नलकूप कराने वाले व्यक्ति को नियमानुसार जिला कलक्टर से अनुमति लेनी पड़ती है। इसके लिए पहले भू.जल वैज्ञानिक की जल उपलब्धता रिपोर्ट तथा जलदाय विभाग की ओर से एनओसी ;अनापत्ति प्रमाण.पत्र द्ध देने के बाद ही नलकूप खोदा जा सकता हैए लेकिन जिला मुख्यालय पर नियमों को दरकिनार कर नलकूप खोदे जा रहे हैं। इससे न्यायालय के आदेशों की अवहेलना हो रही है।
पांचों ब्लॉक डार्क जोन में
भूजल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सवाईमाधोपुर जिला डार्क जोन में है। जिले के सवाईमाधोपुर, गंगापुरसिटी, बौंली, बामनवास, खण्डार व चौथकाबरवाड़ा को डार्क जोन घोषित किया हुआ है। डार्क जोन में नलकूप खोदना आदेशों की अवहेलना है। डार्क जोन घोषित किए गए ब्लॉक में निजी बारिंग नहीं कराई जा सकती है ना ही कृषि कार्य के लिए नलकूप लगाया जा सकता है। यहां केवल पेयजल के लिए सरकार व प्रशासन की ओर से नलकूप लगाया जा सकता है इसके लिए केन्द्रीय भूजल बोर्ड की अनुमति आवश्यक होती है।
निजी बारिंगों का नहीं हुआ अधिग्रहण
पूर्व में राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष ने जिले में पेयजल संकट को दूर करने के लिए जिले में संचालित निजी बोरिंगों का अधिग्रहण कर संबंधित कॉलोनी व मोहल्ले के लोगों को जलापूर्ति कराने के निर्देश दिए थे लेकिन इसके बाद भी अब तक निजी बोरिंगों के अधिगृहण के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे जल संकट बढ़ता जा रहा है।
यह है आंकड़ो का गणित...
12106 नलकूप हैं जिले में
8549 नलकूप है विद्युत चलित जिले में
3557 नलकूप हैं इंजन चलित जिले में
5 ब्लॉक डार्क जोन में हैं जिले में
इनका कहना है....
जलदाय विभाग की ओर से अब तक किसी को नलकूप खुदवाने की अनुमति के लिए एनओसी जारी नहीं की गई है। यदि बिना अनुमति के बोरिंग कराई जा रही है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- रामनिवास मीणा, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, सवाईमाधोपुर।





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