सवाईमाधोपुर.जिला मुख्यालय पर आवारा पशु राहगीरों व वाहन चालकों के लिए सिर दर्द साबित हो रहे हैं। रात के समय में आवारा पशु सड़को के बीच में बैठे रहते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका रहती है। लेकिन इसके बाद भी नगर परिषद आवारा पशुओ की सुध लेने की जहमत नहीं उठा रही है।
पूर्व में जा चुकी है जान
रात में सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगे होने के कारण पूर्व में कई बार हो चुके हैं। रात में सड़कों पर अंधेरा होने के कारण वाहन चालकों को कई बार सड़क पर बैठे मवेशी नजर नहीं आते है। ऐसे में वाहन चालक मवेशियों से टकराकर हादसे का शिकार हो जाते हैं। सत वर्ष जनवरी में मण्डी रोड पर रात ूमें अंधेरे में गाय से टकराने के कारण एक बाइक सवार की मौत हो गई थी इसके बाद भी हालातों में अब तक सुधार नहीं हो सका है।
रात में सड़कों पर डाले रहते हैं डेरा
जिला मुख्यालय के कई मार्गो की स्थिति तो और अधिक भयावह है। सड़कों पर बड़ी संख्या में मवेशी ण्ुण्ड में उेरा जमाए रहते है ऐसे में वाहनों के निकलने की जगह ही नहीं बचती है। कई बार हॉर्न बजाने पर हवेशी हडबडाहट में इधर- उधर भागते है और वाहनों या राहगीरों से टकरा जाते है।
इनका कहना है....
आवारा पशुओं के कारण परेशानी तो है। जल्द ही सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
- रविन्द्र सिंह, आयुक्त, नगर परिषद, सवाईमाधोपुर।





No comments:
Post a Comment