उदयपुर/ फलासिया. इस बार की गर्मी में प्रदेश के हर जिले में पानी को लेकर हाहाकार मचा है। झीलों की नगरी के नाम पर पहचान रखने वाले उदयपुर जिले शहर में भी लोगों को गर्मी के दिन टैंकरों के भरोसे दिन गुजारने पड़े। बावजूद इसके सरकारी तंत्र में वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। शहरी इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग की अनिवार्यता पर नगर निगम की अनदेखी का ग्रहण लगा है तो ग्रामीण इलाकों की सरकार भी इस मुद्दे पर उदासीन है। अनदेखी ही है कि फलासिया उपखण्ड क्षेत्र के करीब दर्जन भर राजकीय स्कूलों में 13 साल पहले बनाए गए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से विद्यार्थी 13 लीटर पानी का उपयोग नहीं कर सके। गौरतलब है कि वर्ष 2005-06 में ग्राम पंचायतों के स्तर पर निर्मित स्कूलों में सरकारी बजट से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की अनिवार्यता तय की थी। प्रदेश के मरूस्थली इलाकों में इसकी उपयोगिता को देखते हुए सरकार ने राजकीय इमारतों के निर्माण में वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य किया गया था।
कहीं सड़ गए पाइप तो कहीं तोड़ दिए
हकीकत पर गौर करें तो13 साल पहले लगभग 1.97 लाख रुपए प्रति स्कूल पर वाटर हार्वेस्टिंग की राशि ग्राम पंचायतों के स्तर पर खर्च की गई थी। ग्राम पंचायत और स्कूल प्रशासन की उदासीनता से कहीं स्कूलों के पाइप उपद्रवियों ने तोड़ दिए तो कहीं गुणवत्ता विहिन पाइप सड़क कर चटक गए। अब स्कूलों के कक्षाकक्षों में पड़ी टंकियां अब जगह और घेर रही हैं।
प्रयास हो तो संभव
सही प्रयास हो तो इन स्कूलों में एक बार फिर से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम दुरस्त हो सकते हैं। टांकों की रिपेयरिंग के साथ छत की साफ-सफाई सुनिश्चित कर दी जाए तो इन स्कूलों में बरसाती पानी की आवक के साथ व्यवस्था कारगर हो सकती है। दृढ़ इच्छा शक्ति के बूते विद्यालय प्रशासन व ग्राम पंचायत भामाशाहों की मदद लेकर इन व्यवस्थाओं में सुधार कर सकते हैं।
झाड़ोल में रिकॉर्ड
योजना बहुत पुरानी थी। तब झाड़ोल एक मात्र पंचायत समिति थी। सारा रिकॉर्ड वहीं है। हमारे पास इस बारे में जानकारी नहीं है।
लोकेंद्रसिंह कुमावत, विकास अधिकारी, फलासिया
याद है, जानकारी नहीं
वर्ष 2005 में कई स्कूलों में वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर टाके बनवाए गए थे। एक बार इसी टाके में ट्रक भी गिर गया था। ऐसा मेरी जानकारी में है, लेकिन इसका उपयोग कहां-कहां हो रहा है। ये जानकारी जुटाने पर ही पता चलेगा।
पन्नालाल मेघवाल, सीडीईओ, झाड़ोल





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