पाली. पेयजल संकट के मुहाने पर खड़े पाली में बरसों बाद फिर से पानी की रेल चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। 16 जुलाई से पहले तक जवाई में पानी की आवक नहीं हुई तो जोधपुर से रेल द्वारा पानी परिवहन किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने जलदाय विभाग के प्रमुख शासन सचिव एवं रेलवे को पत्र लिखकर रेलवे वैगन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। पिछले साल बारिश की कमी के कारण जवाई बांध में पानी की आवक कम हुई थी। जवाई बांध एकमात्र पानी का बड़ा स्रोत है। जवाई बांध के अलावा भी छोटे-बड़े बांधों के खाली होने से जिले में पेयजल संकट गहराया हुआ है। वर्तमान में जवाई में 15 जुलाई तक पानी बचा है। इसके बाद डेड स्टोरेज से कुछ दिन काम चलाया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने भविष्य के संकट को देखते हुए रेल से पानी परिवहन की तैयारियां अभी से शुरू की है। अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्रसिंह चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार को भी अवगत करा दिया है। रेलवे को भी पत्र लिखकर १६ जुलाई के बाद पानी परिवहन के लिए रेलवे वैगन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
बरसों पहले चल चुकी है पानी की रेल
पेयजल संकट के कारण बरसों पहले भी जोधपुर से पाली के लिए पानी की रेल चलाई गई थी। रेलवे वैगन में पानी भरकर पाली लाया जाता था। यहां हौदियों में पानी खाली कर जलापूर्ति की जाती थी। जिला प्रशासन एवं जलदाय विभाग ने पूर्व में निर्मित हौदियों की सफाई के निर्देश भी दे दिए हैं।
नई कार्यकारिणी का गठन 30 को
पाली. वीर दुर्गादास शिक्षा समिति की नई कार्यकारिणी का गठन ३० जून को सुबह ११ बजे बांगड़ कॉलेज के पीछे स्थित वीर दुर्गादास राजपूत छात्रावास में होगा। समिति सचिव ने बताया किसाधारण सभा का आयोजन किया जाएगा। इसमें समिति के उपनियमों के अनुसार पांच साल के लिए शिक्षा समिति की नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।





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