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2 जवानों के भरोसे उदयपुर के इन 12 गांव में रहने वाली 2 हजार की आबादी

उदयपुर/ सलूंबर. संभाग मुख्यालय उदयपुर के ग्रामीण इलाकों में पुलिस की कम नफरी कई समस्याओं को जन्म दे रही है। चिंता तब ओर बढ़ जाती है, जब पर्यटन स्थलों पर पहुंचने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाली अप्रिय घटनाओं को रोकने की जिम्मेदारी कम नफरी से जूझ रहे जवानों पर हो। कुछ ऐसा ही हाल एशिया के मानचित्र में पर्यटन के नाम पर अहम स्थान रखने वाली मानव निर्मित दूसरे क्रम की जयसमंद झील क्षेत्र में स्थापित पुलिस चौकी का है। पर्यटकों की जिम्मेदारी के अलावा इस चौकी के जिम्मेदारों पर समीपवर्ती ५ ग्राम पंचायतों के १२ गांवों की करीब 27 हजार आबादी पर नियंत्रण के साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने का दबाव है। वहीं उदयपुर-बांसवाड़ा राजमार्ग पर रात्रिकालीन गश्त जैसी सेवाएं भी शामिल हैं। बावजूद इसके नफरी के नाम पर चौकी में केवल एक हेड कांस्टेबल और एक जवान मौजूद है। गौरतलब है कि नफरी को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से पिछली सरकार से अब तक प्रयास किए जाते रहे हैं, लेकिन पुलिस के आलाधिकारी मामले को लेकर किसी अनहोनी के इंतजार में हैं।

28 किलोमीटर दूर थाना
राजमार्ग और पर्यटन स्थल पर किसी अनहोनी को लेकर सक्रिय जवानों की स्थिति यह है कि मुसीबत के समय उन्हें जाब्ते के नाम पर २८ किलोमीटर दूर थाने के जवानों से मदद की आस रहती है। दूसरी ओर राजमार्ग पर ही 28 किलोमीटर दूर सलूम्बर थाना है। सड़क के दूसरे छोर पर जावर माइंस थाने की पलोदड़ा चौकी करीब 13 किलोमीटर दूर है। ऐसे में कई मौकों पर ये जवान खुद को असहाय समझते हैं। यहां तक कि रात के समय क्षेत्र होकर गुजरते वाहनों की जांच के दौरान नफरी की कमी से पुलिस जवान नाकाबंदी करने से भी कतराते हैं।

ऊंट के मुंह में जीरा!
पहाड़ी और जनजाति बाहुल्य इलाके में होली-दीपावली जैसे त्योहारों पर अधिकांश होने वाले विवाद एवं पर्यटन स्थल के नाम पर चौकी के लिए एक एएसआई, एक हेड कांस्टेबल एवं 8 जवान की नफरी स्वीकृत है। इसके जवाब में नफरी का दायरा कुल स्टाफ के जवाब में केेवल 20 फीसदी ही है। गौरतलब है कि यह नफरी भी बहुत पहले कम आबादी के हिसाब से स्वीकृत की गई थी। अब हाई-वे पर बढ़ते अपराध और आबादी के हिसाब से इस चौकी पर अतिरिक्त जवानों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

चुनौती भरे गांव
झाड़ोल पंचायत के झाड़ोल गांव, श्यामपुरा, गातोड़, वीरपुरा, ग्राम पंचायतों के झाड़ोल, वेजपुर ढाणी मेलाना, दतेडा, श्यामपुरा, पादरडा, खाकल, गोपी तलाई, गंगापुर, पहाड़ी, गातोड़, गामडी, वीरपुरा, कन्तोडा, जयसमंद, पीलादर पंचायत का बटुका सहित अन्य गांवों पर होने वाले अपराध इस चौकी के लिए चुनौती हैं। इसके अलावा गोमती, टीडी सहित अन्य नदियों में होने वाले अवैध खनन को रोकने की जिम्मेदारी इस पुलिस चौकी पर ही है।

जारी हैं प्रयास
चौकियों पर रिक्त पदों को लेकर पुलिस प्रशासन गंभीर है। आगामी दिनों में इन पदों को भरने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। जयसमंद चौकी को अस्थायी चौकी सल्लाड़ा के जाब्ते से मदद लेकर व्यवस्था संचालन के निर्देश दिए हुए हैं।
दशरथ सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सलूम्बर ग्रामीण

विधानसभा में उठाएंगे
पर्यटन स्थल की दृष्टि से महत्वपूर्ण जयसमंद चौकी पर नफरी की समस्या के लिए पहले से पुलिस प्रशासन को अवगत कराया हुआ है। अब मामले को विधानसभा में उठाएंगे।
अमृतलाल मीणा, विधायक, सलूम्बर



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