उदयपुर/ कोटड़ा. तहसील के मांडवा थाना क्षेत्र के झांझर गांव में शनिवार दोपहर आग की चपेट में आया केवलू पॉश मकान जलकर खाक हो गया। आग की चपेट में आई एक लाख की नकदी, 4 बकरियां एवं अन्य आवश्यक सामान जलकर खाक हो गया।
इससे पहले क्षेत्र निवासी पूनिया पुत्र भुइला के घर में दोपहर के समय पूनिया की बहू चंपा के भोजन बनाते समय आग की एक चिंगारी ने आग पकड़ ली। चंपा ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन प्रयास विफल रहे। इस बीच घर में सो रहे उसके पति की तपन बढऩे से नींद खुली। आग देखकर पति सहित पूरा परिवार कुएं की ओर दौड़ा। समीपवर्ती ग्रामीणों सहित सबने भी आग बुझाने के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। देखते ही देखते एक चिंगारी ने पूरे घर को जलाकर खाक कर दिया। आग में ४ बकरियां, घर में रखी हुई नकदी और जमीन के दस्तावेज सहित सब कुछ खाक हो गया।
एक लाख की नकदी जली
तपती दोपहरी में एक चिंगारी ने बहुत कम समय में विकराल रूप धारण कर लिया। आग बुझाने में लगे परिजन भीतर बंधी 4 बकरियों को बाहर निकालने में भी विफल रहे। अनुमान के हिसाब से मकान में रखी गेहूं की 10 बारिया, मकाई की 2 बोरी, उड़द, मूंग, अरंडी बीज व कपास की खेती से हुई करीब एक लाख रुपए की नकदी, कपड़े सब कुछ देखते ही देखते खत्म हो गया। परिवार में करीब ११ सदस्य है गर्मी की दोपहरी में
बिना छत के जीवन बिताना अब उनके लिए चुनौती भरा बना हुआ है।
आग से हजारों रुपए की घास खाक
उदयपुर/ सराड़ा. उपखण्ड के सल्लाड़ा गांव स्थित राजपूत फले में बुधवार दोपहर को एक निजी मकान के पास बने बाड़े के पास रखी घास में एकाएक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इससे एकबारगी मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों ने स्थानीय स्तर पर आग बुझाने के भरसक प्रयास किए। बाद में फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
जानकारी के अनुसार नवलसिंह पुत्र किशोरसिंह शेखावत ने घर के समीप आंगन में बने बाड़े में पशुओं की सुविधा के लिए वर्ष भर का आवश्यक सूखा भूसा एकत्रित किया था, जिसमें एकाएक धुंआ उठने लगा। परिजनों ने आग बुझाने के लिए पूरे प्रयास किए, लेकिन गर्मी में आग ने प्रचंड रूप धारण कर लिया। आग में करीब एक क्विंटल लकड़ी भी जलकर खाक हो गई। बाद में फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। नहीं तो अंनियंत्रित आग घर को भी चपेट में ले सकती थी।





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