कोटा.बूंदी. हाड़ौती में गर्मी कहर बरपा रही है। आसमान से अंगारे बरस रहे है। सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने आमजन को झुलसा कर रख दिया। बाजारों में सन्नाटा पसर गया और लोग घरों में कैद हो गए। लेकिन, परिवार का पेट पालने के लिए मजदूर सूर्य के क्रोध रूप का सामना करने को मजबूर हैं। कोटा जिले के सांगोद और बूंदी के लाखेरी कस्बे में मंगलवार 9 जून को लू लगने से दो मजदूरों की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोटा जिले के सांगोद कस्बे में मिनी सचिवालय में भवन निर्माण का काम कर रहे कोटा निवासी एक श्रमिक की रविवार को लू लगने से मौत हो गई। रविवार को युवक पालाकी माताजी से एक आयोजन में शामिल होकर बाइक से सांगोद आ रहा था। रास्ते में उसकी तबीयत बिगड़ गई, सांगोद अस्पताल लाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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जानकारी के अनुसार कोटा निवासी गजानंद कोली एवं पनराज योगी सांगोद में निर्माणाधीन मिनी सचिवालय भवन में काम कर रहे हैं। रविवार को दोनों पालाकी माताजी गए थे। वहां भोजन करने के बाद दोनों बाइक से सांगोद के लिए रवाना हुए। रास्ते में गजानंद को प्यास लगी। पानी पीने के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई, वह अचेत होकर वहीं गिर पड़ा। ग्रामीणों की सूचना पर 104 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और उसे सांगोद अस्पताल लेकर पहुंची। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। डॉ. मथुरेश गुप्ता ने बताया कि प्रारम्भिक जांच में युवक की मौत लू से होना सामने आया है।
वहीं बूंदी जिले के लाखेरी उपखंड के बसवाड़ा गांव में लू लगने से 25 वर्षीय रामस्वरूप मीणा की मौत हो गई। रामस्वरूप गांव में हाळी था। वह शनिवार को खेत पर गया था। देर तक नहीं आया तो परिजन उसे ढूंढ़ते हुए खेत पर पहुंचे, जहां खाट पर सोता मिला। उसकी सांस टूट चुकी थी।





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