उदयपुर/ पारसोला. प्रदेश सरकार की ओर से ग्राम पंचायत एवं पंचायत समिति को पुनर्गठन को लेकर टीएसपी एरिया में लागू मानदण्ड के अनुरूप पारसोला को पंचायत समिति बनने की प्रबल संभावनाओं के बीच स्थानीय लोग परिस्थितियों को भुनाने के लिए एकजुट हो गए हैं। धरियावद उपखण्ड के सबसे बड़े कस्बे को पंचायत समिति मुख्यालय बनाने के प्रयासों के बीच कस्बे के कुलदीप वगेरिया, विनोद जैन, अरविन्द वगेरिया, सम्पति मकनावत, दर्शन वगेरिया, अनिल शर्मा, विशाल घाटलीया, सुरेश मुंगडिया, भरत पंचोरी, गणपत सिंह शक्तावत, मोहम्मद इस्माइल लखारा, पूर्व विधायक नारायणलाल मीणा, पूर्व सरपंच अमिर मोहम्मद, जीवाराम मीणा एवं अन्य ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम प्रतापगढ़ जिले के धरियावद ब्लॉक अध्यक्ष को ज्ञाान सौंपा। साथ ही मंगलवार को प्रस्तावित सीएम दौरे के बीच इसकी कवायद तेज करने की बात रखने पर सहमति बनी।
अनुकूल है परिस्थितियां
पुराने अनुभव के हिसाब से पारसोला रियासत काल में तहसील थी। करीब 10 हजार की आबादी वाला ये क्षेत्र डूंगरपुर, बांसवाड़ा और उदयपुर जिले की सीमा के बीच स्थित है। सोलह पहाडिय़ों के बीच स्थित इस क्षेत्र में कानून व्यवस्था के लिए थाना बना है। मूंगाणा व लोहागढ़ दो पुलिस चौकी भी है। बीओबी व एसबीआई जैसे राष्ट्रीयकृत बैंक, पटवार मंडल, डाकघर, आयुर्वेदिक औषधायल इस क्षेत्र में स्थापित हैं। देवला, लोहागढ़, भरकुण्डी, पारसोला, आड़, मानपुर, गौपालपुरा, लोड़ीमाण्डवी, माण्डवी, नाड़, शकरखण्ड, लोदिया, मुंगाणा, बोरिया, गगौठड़ा, सुराजी खेड़ा, अणत,चरपोटिया सहित १९ ग्राम पंचायतों के बीच पारसोला केंद्र है।
होनी चाहिए प्रक्रिया
पारसोला को पंचायत समिति का दर्जा दिया जाना चाहिए। रियासतकाल में भी ये क्षेत्र तहसील मुख्यालय था।
गणपतङ्क्षसह शक्तावत, सेवानिवृत्त जिला परिवहन अधिकारी
ग्राम पंचायतों से दूरी कम
पारसोला की समीपवर्ती ग्राम पंचायतों से दूरी कम है। फिलहाल हर छोटे-बड़े काम को लेकर 28 किलोमीटर दूर धरियावद जाना होता है।
मोहम्मद ईस्माइल शेख, स्थानीय क्षेत्रवासी
बनती है संभावना
नियमों के मुताबिक 20 ग्राम पंचायतों को मिलाकर पंचायत समिति बनाई जा सकती है।
गोपाल सिंह हाड़ा, तहसीलदार, धरियावद





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