Breaking News
recent

सरकारी नीतियों में उलझ गई बहुप्रतीक्षित ग्रामीण सड़क

उदयपुर/ खरसाण. विधानसभा चुनाव में बहुमत के साथ प्रदेश की सत्ता में आई कांग्रेस समर्थक सरकार की ओर से तत्कालीन भाजपा शासन के अंतिम छह माह में जारी स्वीकृतियों पर लटकी तलवार ने वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में स्वीकृत सड़क मंजूरी पर भी संकट खड़ा कर दिया है। बदहाली का दंश झेल रहे स्टेट मेघा हाइवे 79 के लिए करीब 9 माह पहले तत्कालीन सरकार ने सितम्बर 2018 में स्वीकृति जारी कर 14 करोड़ का बजट जारी किया था। तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक रणधीरसिंह भींडर के प्रयासों से मिली मंजूरी के बाद स्थानीय लोग 50 किलोमीटर सड़क के विकसित होने का सपना संजोए हुए थे, लेकिन वर्तमान हालात इस सपने को तोड़ते दिख रहे हैं।
गौरतलब है कि भटेवर से बांसी स्टेट मेघा हाइवे की हालत बीते कई महीनों से गंभीर बनी हुई। मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढे दुपहिया सवारों की कमर ही नहीं तोड़ रहे बल्कि उन्हें दुर्घटना का शिकार भी बना रहे हैं। वाहनों के बीच इस मार्ग पर राहगीरों का चलना पिछले लंबे समय से दूभर बना हुआ है। परेशान ग्रामीण और वाहन सवार समस्या को लेकर लोक निर्माण विभाग के दरवाजा खटखटा रहे हैं, लेकिन अभियंताओं के स्तर पर उन्हें किसी तरह का संतोषप्रद जवाब नहीं दिया जा रहा।
अभी है रोक
सड़क निर्माण के लिए मिली मंजूरी पर प्रदेश सरकार ने फिलहाल रोक लगा रखी है।
अरविंद जोशी, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.