नसीराबाद (अजमेर). छावनी परिषद प्रशासन व पुलिस प्रशासन की अनदेखी के चलते तथा न्यायिक रोक के बावजूद नगर में फिर से अवैध पशुवध होने लगा है। इससे नगर का वातावरण दूषित रहने लगा है। पशुवधकर्ताओं द्वारा पशुवधगृह क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर उनमें रोजाना पशु काटे जा रहे हैं। अवैध पशुवध के अवशेष पशुवधकर्ताओं द्वारा नसीराबाद-रामसर मार्ग स्थित छावनी परिषद के ट्रेचिंग ग्राउण्ड में डाले जाने से रामसर रोड पर जाने वाले वाहन चालकों, राहगीरों तथा शमशान गृह अंतिम संस्कार करने जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना सब कुछ होते हुए भी छावनी परिषद प्रशासन व पुलिस प्रशासन इस ओर आंखें मूंदे बैठे हैं और इसका खामियाजा नगर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। नगर में हो रहे अवैध पशुवध पर रोक लगाने की मांग को लेकर लगभग चार वर्ष पूर्व नगर में आन्दोलन भी किया गया था और नसीराबाद शहर लगभग दस दिन तक बंद भी रहा था। उस समय तो पशुवध पर अस्थायी रोक लग गई थी लेकिन अवैध पशुवध का व्यापार फिर से पनपने लगा। बूचडख़ाना हटाओ संघर्ष समिति व प्रशासन के बीच हुए समझौते के अनुसार परिषद प्रशासन की ओर से पशुवधकर्ताओं के कब्जे से अतिक्रमण मुक्त कराई गई काफी जमीन पर तारबंदी नहीं किए जाने और न ही पशुवधगृह क्षेत्र में पुलिस चौकी कायम किए जाने से अवैध पशुवधकर्ताओं के हौसले बुलंद हैं।





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