उदयपुर/ गोगुंदा. सरकारी तंत्र में पसरे गड़बड़झाले का एक ओर गरीब शिकार हुआ है। आवास योजना के नाम पर मूल आवेदक के बैंक खाते में एक रुपए नहीं आए और सरकारी खाते में उसके नाम दो किश्तें जारी होना बताया गया। मामला सामने आने के बाद पीडि़त ने मामले में जिला कलक्टर से सहयोग की उम्मीद करते हुए इस बारे में ज्ञापन सौंपा। उसने बताया कि वह आज भी कवेलूपॉश मकान में रहता है, जबकि विभाग की ऑनलाइन साइट पर उसके मकान निर्माण का फोटो डलाया गया है।
मामला कोटड़ा क्षेत्र के तेजावास ग्राम पंचायत का है। क्षेत्र के बाकावास गांव निवासी सिंगा पुत्र सामीरा गरासिया ने वर्ष 2014 में आवास योजना के लिए आवेदन किया था। इसके बाद जिम्मेदारों ने जीओ टेकिंग की और मकान निर्माण शुरू करने को कहा। इसके बाद उसे योजना के नाम पर 35 हजार रुपए मिले, जिससे उसने नींव सहित अन्य कार्य पूरे कराए। शेष दो किश्तों को लेकर आवेदक बीते चार साल से ग्राम पंचायत के चक्कर काट रहा है। कुछ दिन पहले ही आवेदक को ऑनलाइन जानकारी मिली कि उसे दूसरी किश्त के नाम पर 28 और तीसरी किश्त के7 हजार रुपए जारी हुए हैं। वहीं पूरे मकान बनने का फोटो भी ऑनलाइन है। बात ऑनलाइन की करें तो आवेदक को 24 जुलाई 2017 को दूसरी और 27 अक्टूबर को तीसरी किश्त जारी हुई है।
कोई देरी नहीं
मामला अभी मेरी जानकारी में आया है। शुक्रवार को ही इसकी जांच कराता हूं। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई करूंगा।
धनपतसिंह, विकास अधिकारी कोटड़ा





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