उदयपुर/ झाड़ोल. गरीब बच्चों को शुरुआती शिक्षा की तामील देने और उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए किए जाने वाले सरकारी दावे शुक्रवार को खुद सरकार के नुमाइंदे पर भारी पड़ गए। आंगनबाड़ी केंद्रों के आकस्मिक निरीक्षण पर पहुंचे सीडीपीओ को आंगनबाड़ी केंद्रों के चौंकाने वाले हालात मिले। क्षेत्र में संचालित कुछ आंगनबाड़ी केंद्र समय से पहले बंद मिले तो कुछ पर सुबह से ताला लटके होने की हकीकत सामने आई। मौके पर न आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिली और न ही सहायिका। रिकॉर्ड जांचने के लिए सीडीपीओ को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ी। आंगनवाडी केन्द्र ओगणा २ में आशा सहयोगिनी अनुपस्थित, मोहिनी में सहयोगिनी अनुपस्थित, गाल्दर सहयोगीनी अनुपस्थित, जैतीवाड़ा में न कायकर्ता मिली और न ही आशा सहयोगिनी। अंत में सीडीपीओ ने सभी कार्मिकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा।घटिया पंजीरी वितरितगाल्दर में निरीक्षण के दौरान धात्री एंव गर्भवती महिलाओं के वितरण के लिए सेन्टर पर पडी पंजीरी घटिया व गुणवत्तायुक्त नहीं मिली। पंजीरी सिर्फ आटे के समान मिली। पैकिंग थैली में न तो रसीद थी और न ही कलस्टर का नाम था। सीडीपीओ की ओर से संंबंधित पंजीरी को जांच के लिए झाड़ोल लाया गया।





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