मानसिक रोगों से भी बच सकते हैं
आयुर्वेद के मुताबिक ज्यादातर बीमारियों की शुरुआत पेट से होती है। यदि कब्ज न हो तो हम शारीरिक और मानसिक रोगों से भी बच सकते हैं। कब्ज होने पर घरेलू उपचार किया जा सकता है।
मुनक्का खाएं
प्रात: काल सबसे पहले दो मुनक्का खाएं। कब्ज का यह उपचार धीमा अवश्य है लेकिन प्रभावी है। इसकी आदत पड़ जाए तो न केवल पेट साफ रहता है बल्कि भूख भी खुलकर लगती है।
ये नुस्खे भी आजमाएं
पके संतरों का रस सुबह नाश्ते से पहले पीएं या खाली पेट दो सेब खाने से कब्ज से मुक्ति मिलती है।
दो चुटकी आजवाइन का चूर्ण मट्ठे में मिलाकर पीने से पेट साफ हो जाता है।
रात को एक गिलास पानी में 20 ग्राम त्रिफला भिगोएं, सुबह शौच क्रिया करने के पहले त्रिफला का निथरा हुआ जल पीएं।
सात-आठ अंजीर को उबालकर उसका काढ़ा बना लें। रात को सोते समय यह काढ़ा पीएं।





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