उदयपुर/ फलासिया. पंचायत समिति क्षेत्र को अंतरराज्जीय सीमा (गुजरात) से जोडऩे वाली सड़क की अनदेखी से जिंदगियों पर संकट बना हुआ है। आमलेटा घाट सेक्शन के सर्पिलाकार मोड़ वाली सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे आए दिन वाहन चालकों को नई चुनौती दे रहे हैं। बीते करीब दो साल से बर्बादी के हाल बयां कर रही सड़क पर बने हुए गड्ढों से गुजरते ओवरलोड वाहनों में सवार यात्रियों की नहीं वरन पहाड़ी हिस्से से उतरने वाले वाहनों का मंजर देखकर एक बारगी आम आदमी भी सांसें थाम लेता है। सामने से दिखती हुई चुनौती के बावजूद सड़क सुधार के जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं के कानों में समस्या को लेकर जूं नहीं रेंग रही। लोगों की शिकायतों के बावजूद विभागीय ओहदेदार मौन साधे हुए हैं। गौरतलब है कि घाट सेक्शन में पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं।
रोजमर्रा की जरूरत
तहसील क्षेत्र को गुजरात राज्य से जोडऩे वाले मार्ग पर कोल्यारी और पानरवा के बीच आमलेटा घाटी आती है। गुजरात सीमा और कोटड़ा उपखण्ड मुख्यालय तक पहुंचने वाले लोग कम दूरी के कारण इस मार्ग का चयन करते हैं। तहसील के लोग भी आम दिनचर्या की जरूरतों को पूरा करने के लिए, सामग्री खरीदी, मजदूरी एवं सरकारी व निजी नौकरी के लिए इस घाट सेक्शन से होकर गुजरते हैं। सैकड़ों यात्रियों को अंतरराज्जीय सीमा तक पहुंचाने वाले मार्ग पर चंद रुपयों की लालच में ओवरलोड वाहन भी चलते हैं। ओवरलोड वाहनों का संकरे व पहाड़ी हिस्सों वाली सड़क के गड्ढों से दो-दो हाथ करना जोखिम भरा बना हुआ है। आलम यह है कि एक साथ दो चौपहिया वाहन यहां क्रोस भी नहीं हो सकते। बावजूद इसके सड़क की अनदेखी बनी हुई है।
...तो टूट जाएगा संपर्क
बीते दो वर्ष के दौरान घाट सेक्शन की सड़क पर पेंचवर्क नहीं हुआ है। पिछले साल कम बारिश के कारण घाट सेक्शन की सड़क कम क्षतिग्रस्त हुई थी, लेकिन इस बार अगर, बरसात अच्छी होती है तो तहसील व जिला मुख्यालय से इस क्षेत्र का संपर्क कट सकता है। वहीं कोटड़ा मुख्यालय से भी लोगों की दूरियां बढ़ सकती हैं। गौरतलब है कि वर्ष २००७ में आमलेटा घाटे पर सड़क निर्माण कार्य हुआ था। इसके बाद से केवल दो बार औपचारिकता के तौर पर सड़क पर पेंच कार्य किए गए।
प्राथमिकता पर घाट सेक्शन
विभागीय प्रस्तावों में आमलेटा घाट सेक्शन का पेंच कार्य प्राथमिकता पर है। प्रदेश सरकार ने आरआइडीएफ २५ को प्रमुखता दी हुई है। स्वीकृति मिलते ही ४ किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूरा करेंगे।
मोहम्मद युनूस पिरजादा, सहायक अभियंता, झाड़ोल पीडब्ल्यूडी
हादसों से नहीं लिया सबक
आमलेटा घाट सेक्शन क्षेत्रवासियों की मुख्य आवाजाही का मार्ग है। ऐसे में इसकी अनदेखी से बरसात में संकट बढ़ सकता है। बारिश तेज हुई तो तहसील का अन्य इलाकों से संपर्क कट जाएगा।
पन्नालाल सुथार, व्यावसायी, कोल्यारी





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