उदयपुर. सेवा भारती राष्ट्रीय विचारों को पोषित करने वाला संगठन हैं। प. दीदयाल उपाध्याय के अन्त्योदय सोच को सार्थक करने का प्रयास सेवा भारती द्वारा किया जा रहा है। नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने वाली संस्था ही अच्छी कार्य करती हैं। उक्त विचार उदयपुर नगर निगम के महापौर चन्द्रसिंह कोठारी ने सेवा भारती उदयपुर की महिला मण्डल ईकाई की ओर से राजस्थान महिला विद्यालय में एक माह से चल रहे महिला ग्रीष्मकालीन कौशल विकास एवं अभिरूचि शिविर के समापन के अवसर पर व्यक्त किए। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रान्तीय सेवा भारती समिति अध्यक्ष धारेन्द्र सालगिया ने कहा कि देश को समृद्ध राष्ट्र बनाना है तो आवश्यक है कि समाज के कमजोर, अभावग्रस्त, पीडि़त, निर्धन एवं वंचित वर्ग को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराना, स्वावलम्बी बनाना, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, संस्कारित करना एवं समाज में समरस हो ऐसा कार्य करना और सेवा भारती इसी उद्देश्य को लेकर इस वर्ग के बीच कार्य कर रही है। समापन समारोह के अतिथि ज्योति खैरवा, प्रकाश अग्रवाल, रेवाशंकर माली , सुरेन्द्र रावल एवं डॉ. नलिनी जोशी ने भी विचार व्यक्त किए।
शिविर संयोजिका संगीता माली ने बताया कि इस एक माह कि शिविर में सिलाई, मेहंदी, लोकनृत्य, पेंटिंग एवं कम्प्यूटर बेसिक के प्रशिक्षण में 80 महिलाओं ने हिस्सा लिया। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को अतिथियों ने मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र प्रदान देकर सम्मानित किया। प्रतिभागियों ने नृत्य के माध्यम से रंगारंग प्रस्तुतियां दी। सिलाई व पेंटिंग में निर्मित सामग्री की प्रदर्शनी का अवलोकन कर अतिथियों ने भूरी- भूरी प्रशंसा की। महेश आमेटा, गोपाल कनेरिया , हिम्मत सिंह पंवार, रघुनाथदत्त माथुर, अनिल हाथी, राकेश पोरवाल, निमंत्तिलाल आमेटा, पृथ्वीराज असावरा, लक्ष्मीनारायण अग्रवाल, संगीता माली, विष्णु कलामत की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया। बंशीलाल दया, जीवनलाल मेघवाल, देवीलाल शर्मा, महेश साहू, योगेश चौबीसा, प्रकाश सोनी, प्रेमनारायण जोशी, दीपा परमार भी उपस्थित थे।





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