सोजत/पाली। सोजत की मेहंदी प्रदेश ही नहीं, विश्वभर में ख्यात है। चाहे फिर कोई सेलिब्रिटी हो या फिर आम आदमी की शादी, हाथों में तो सोजत की मेहंदी ही रचती है। लेकिन, विश्वभर में नाम कमा चुके इस शहर की सडक़ें खस्ताहाल हो चुकी है। खस्ताहाल भी ऐसी कि एक बार भी इस मार्ग से निकल जाए तो कमर दर्द तो भोगना ही है। इसके अलावा गाडिय़ों की मरम्मत का खर्च अलग से बढ़ जाता है। लेकिन, समाधान दूर की फूटी कौड़ी बना हुआ है। दरअसल, क्षेत्र के कई प्रमुख मार्गों पर सडक़ों के क्षतिग्रस्त होसे वाहन चालकों, राहगीरों, गृिहणियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग व नगरपालिका प्रशासन की अनदेखी का ही आलम है कि कई स्थानों पर सडक़ें क्षतिग्रस्त है। टूटी-फूटी व ऊबड़-खाबड़ सडक़ों का खामियाजा वाहन चालकों को ही नहीं, पैदल राहगीरेां को भी भुगतना पड़ रहा है।
कृषि मंडी-दरगाह मार्ग भी खस्ताहाल
यही हाल कृषि मंडी से दरगाह जाने वाले मार्ग का है। यहां पर टूटी-फूटी सडक़ें लोगों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। इस समस्या को लेकर भंवरलाल सेणचा, कैलाश अखावत, लक्ष्मण सुथार, सुरेश गहलोत ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेज क्षतिग्रस्त सडक़ों पर डामरीकरण अथवा पेचवर्क कराकर आमजनों को राहत पहुंचाने की मांग की है।
दुर्दशा का शिकार शिव सर्कल-सोजतरोड मार्ग
यहां के शिव सर्कल से सोजतरोड जाने वाला मार्ग भी दुर्दशा का शिकार है। टूटी-फूटी सडक़ होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। क्षतिग्रस्त सडक़ें तो दर्द बढ़ा ही रही है। गंदे पानी निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं होने से भी लोगों को परेशानी से दो-चार होना पड़ रहा है। जबकि, ये सोजत से उदयपुर की ओर जाने वाला व्यस्ततम मार्ग है।





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