रायपुर मारवाड़. कुशालपुरा नदी में आधुनिक मशीनों के जरिए बजरी का बड़े स्तर पर अवैध खनन हो रहा है। नदी से सटे खेतों पर रहने वाले किसानों ने बुधवार रात खनन का विरोध किया और पुलिस को सूचना दी। किसानों का आरोप है कि रात को पुलिस मौके पर आई लेकिन खानापूर्ति कर बजरी माफि या की पूरी मदद की।
किसानों द्वारा बताए गए हालात के बाद गुरुवार को जिला प्रमुख पेमाराम सीरवी ने पुलिस अधीक्षक आनन्द शर्मा से फ ोन पर बात की। इसमें कुशालपुरा चौकी पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए प्रभावी कार्रवाई कराने की बात कही।
दरअसल, कुशालपुरा नदी से सटे बेरा भवारिया के पास रोजाना रात को एक दर्जन ट्रैक्टर ट्रॉली में जेसीबी से बजरी भरी जाती है। ये बजरी बेरा आम्बा पर स्टॉक की जाती है। इस बेरे से डम्परों में लाद कर ब्यावर भेजी जा रही है।
किसानों को ही सुनाई खरखरी
किसानों ने बताया कि रात को उन्होंने बजरी खनन को लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों को सूचना दी। कुशालपुरा चौकी प्रभारी प्रेमाराम विश्नोई मौके पर आए। तब छह ट्रैक्टर ट्रॉली बजरी से भरे हुए थे। पुलिस ने उन्हें जब्त करने की बजाय बजरी से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली को रवाना करवा दिया। किसानों ने विरोध किया तो पुलिस ने किसानों को ही धमका घरों के अंदर चले जाने की नसीहत दे दी। किसानों ने पुलिस पर बजरी माफि या सांठगांठ का आरोप लगाया।
कुएं रिचार्ज नहीं होने की चिंता
किसानों ने बताया कि उनके कुएं नदी से सटे हुए हैं। बजरी का बड़े स्तर पर खनन होने से किसानों के कुएं रिचार्ज नहीं हो पाएंगे। किसानों ने बजरी खनन के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय किया है।
इस मार्ग से जाती बजरी
कुशालपुरा के स्थानीय व्यक्ति द्वारा बजरी खनन कर डम्पर मेगा हाइवे से फ ोरलेन के रास्ते ब्यावर भेजी जा रही है। ब्यावर में ये बजरी मनमर्जी के दाम पर बेची जा रही है।
जांच करवा रहे हैं
ये मामला मेरी जानकारी में आया है। इसकी जांच करवा रहे हैं। जांच में जो भी सच सामने आएगा उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बजरी खनन नहीं होने दिया जाएगा।
सुरेश कुमार, डीएसपी, जैतारण
खनन हो रहा है
कुशालपुरा में बड़े स्तर पर बजरी खनन हो रहा है। किसानों की शिकायत पर पुलिस मौके पर गई लेकिन कार्रवाई की बजाय शिकायतकर्ता को ही धमका बजरी से लदे ट्रैक्टर ट्रॉली निकलवा दिए। मैंने एसपी से बात कर उन्हें हालात बता प्रभावी कार्रवाई करने की बात कही है।
पेमाराम सीरवी, जिला प्रमुख, पाली





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