Breaking News
recent

प्रदूषण नियंत्रण मंडल की बड़ी कार्रवाई, नामचीन उद्यमियों की फैक्ट्रियों में चौंकाने वाला खुलासा

 

पाली. कपड़ा नगरी को pollution मुक्त करने के प्रयासों को फिर बड़ा झटका लगा है। सरदारसमंद रोड स्थित नेक्स्ट जेन टेक्सटाइल पार्क ने कपड़ा नगरी के दामन पर लगे दाग और गहरे कर दिए। शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण मंडल अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पार्क का ट्रीटमेंट प्लांट बंद पाया गया और पार्क परिसर रंगीन पानी से लबालब मिला। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला प्रदूषित पानी सीधे धरती की कोख में समा रहा है।
मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि टैक्सटाइल पार्क में गड़बडिय़ों की शिकायतें मिली थी। इस पर शुक्रवार दोपहर टीम के साथ पार्क का निरीक्षण किया। पार्क का इटीपी बंद पड़ा था। जबकि इकाइयां चल रही थीं। इकाइयों से निकलने वाला रंगीन पानी परिसर में जगह-जगह गड्ढों में भरा हुआ मिला। यह पानी सीधे जमीन में सोख रहा था। इसके अलावा भी टीम को कई तरह की अनियमिताएं मिली है। पार्क में शहर के कई नामचीन उद्योगपतियों की इकाइयां संचालित है।

चार घंटे चली कार्रवाई, पार्क बंद करने की अनुशंसा

जल अधिनियम और प्रदूषण नियमों को खुलेआम धत्ता बता रहे टैक्सटाइल पार्क में व्याप्त अनियमितताओं को प्रदूषण नियंत्रण ने गंभीर माना है। क्षेत्रीय अधिकारी शर्मा की अगुवाई में टैक्सटाइल पार्क पहुंची टीम भी हालात देखकर सन्न रह गई। मौके के हालात जानने में टीम को करीब चार घंटे का समय लग गया। देर रात तक टीम प्रदूषण नियंत्रण मंडल को रिपोर्ट भिजवाने की तैयारी में लगी रही। संभवत: शनिवार सुबह रिपोर्ट जयपुर भिजवाई जाएगी। रिपोर्ट में टेक्सटाइल पार्क को बंद करने की अनुशंसा की गई है।

चार साल से चल रहा है टैक्सटाइल पार्क
टैक्सटाइल पार्क की कहानी शहर के अन्य औद्योगिक क्षेत्र से जुदा है। केन्द्र सरकार की स्पेशल इकॉनोमिकल जोन (सेज) योजना के तहत यह विकसित किया गया है। शुरुआती दौर में इसे खास सफलता नहीं मिली। बाद में यहां तीन दर्जन से ज्यादा इकाइयां शुरू हो गई। पार्क में चलनी वाली इकाइयों से निश्रावित रासायनिक पानी को ट्रीट करने के लिए यहां इटीपी लगाया हुआ है। वास्तविकता में इटीपी का उपयोग ही नहीं किया जा रहा था। मंडल की कार्रवाई में इसका खुलासा हुआ।

शिकायतों की लम्बी फेहरिस्त

टैक्सटाइल पार्क के खिलाफ शिकायतों की फेहरिस्त लम्बी है। निम्बाड़ा समेत आसपास के कई गांवों के लोग इकाइयों का रंगीन पानी खेतों में बहाने की कई बार शिकायतें कर चुके हैं।
इसके बावजूद पार्क में अनियमिताएं धड़ल्ले से चलती रहीं। करीब दो माह पूर्व प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने टेक्सटाइल पार्क को नोटिस भी जारी किया था। हैरानी की बात यह है कि पार्क संचालक ने जवाब में व्यवस्थाएं दुरुस्त होने की बात कही।

एसिड की जांच शुरू

निंबली टोल के निकट एसिड टैंकर खाली करने के मामले में प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने शुक्रवार को मौका मुआयना किया। गर्मी से एसिड सूखने के कारण सैंपल नहीं लिए जा सके। मामले में जांच शुरू की गई है। परिवहन विभाग को भी सूचित किया गया है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.