उदयपुर. शहरवासियों के लिए बड़े गर्व की बात है कि प्रताप का जन्म मेवाड़ में हुआ। प्रताप का देश ही नहीं पूरे विश्व में नाम है, जब तक इंसान धरती पर रहेगा। तब तक प्रताप का इतिहास अमर रहेगा। आज जगह - जगह पर चौराहों पर प्रताप की प्रतिमा स्थापित है। जरूरत है तो नई पीढ़ी को इससे जोडऩे और इतिहास को संजाए रखने की। उक्त विचार शनिवार को पूर्व गृहमंत्री गुलाब चन्द कटारिया ने कही। वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप की 478वीं जयन्ती पर हुए सात दिवसीय समारोह एवं शहर में निकलने वाली शोभायात्रा में सम्मिलित होने वाले शहर के विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों के सम्मान को लेकर आयोजित समारोह में कटारिया ने कहा कि अगले वर्ष प्रताप जंयती और अधिक भव्य देने की आवश्यकता है। शोभायात्रा में शहर ही नहीं वरन ग्रामीण इलाकों से भी समाजजनों को जोड़ा जाना चाहिए। प्रताप की गाथा को केन्द्र सरकार पाठ्यक्रमों में भी शामिल कर रही है। महापौर चन्द्र सिंह कोठारी, संयोजक प्रेम सिंह शक्तावत, राजेन्द्र सिंह जगत, महामंत्री कुंदन सिंह मुरोली, उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बोहेड़ा, सहसंयोजक दिलीप सिंह बांसी ने आगन्तुकों का स्वागत किया। कमलेन्द्र सिंह पंवार, डॉ. घनश्याम सिंह भीण्डर, सहसंयोजक दिलीप सिंह बांसी, चन्द्रवीर सिंह दांतडा, कृष्णकांत कुमावत एवं अन्य मौजूद थे।





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