उदयपुर/ कोटड़ा. अजमेर विद्युत वितरण निगम के जिम्मेदारों की कार्य के प्रति उदासीनता स्थानीय किसानों और पालतु पशुओं की मौत का कारण बन रही है। आए दिन होने वाली घटनाओं से सबक लेने की बजाए निगम के नुमाइंदे बिजली लाइनों की खामियों को दूर करने की बजाए इससे बच रहे हैं। इसी खामी का शिकार एक और किसान हो गया। चीखला गांव के एक खेत में जुताई कर रहा किसान मोहन (50) पुत्र हमीरा पारगी शुक्रवार शाम को बिजली लाइनों की चपेट में आकर काल का ग्रास बन गया। घटना के खफा ग्रामीणों व परिजनों ने आक्रोश जताते हुए किसान का शव कोटड़ा थाने पर ले जाकर रख दिया। टैक्सी से शव लेकर पहुंचे परिजनों के बीच समझाइश को लेकर पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए।
पहले भी हुए हैं हादसे
क्षेत्रीय ग्रामीणों की मानें तो खंभों के बीच झूलते तारों से पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। पशुओं की मौत के मामले तो आम हैं। स्थानी लोगों की ओर से कई बार निगम कार्मिकों को तारों को कसने के लिए अपील की गई, लेकिन समस्या का हल नहीं निकला।
कोई ध्यान नहीं देता
विद्युत निगम की लापरवाही से किसान की मौत हुई है। पहले हुए हादसों के बावजूद निगम समस्या को लेकर ध्यान नहीं दे रहा।
लक्षमण पारगी, सरपंच, ग्राम पंचायत गुरा
होगी उचित कार्रवाई
कोटड़ा से मामेर तक बिजली लाइन सुचारू है। कोई तार गिरा होता तो फाल्ट जरूर आता। किसी एक क्षेत्र में कर्मचारी स्तर पर लापरवाही बरती गई है। प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
श्याम सुंदर, सहायक अभियंता, एवीवीएनएल कोटड़ा





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