उदयपुर/ गोगुंदा. कृषि सेवा केंद्रों के माध्यम से क्षेत्रवार किसानों की सुध लेने वाले सरकारी दावों को गोगुंदा के कृषि केंद्र पर चुनौती मिल रही है। किसान हित में बनाए गए इस केंद्र पर बीते ७ माह से विद्युत निगम के कार्य को अंजाम दे रही निजी कंपनी के प्रतिनिधियों ने डेरा डाल रखा है। ऐसे में बीते ७ माह से किसान हित से जुड़ी कोई गतिविधि यहां पर नहीं हुई। हकीकत यह है कि बिना कमरे के कृषि विभाग का पर्यवेक्षक स्वयं भी इधर-उधर भटकने को मजबूर है। ऐसे में किसानों की उपस्थिति को लेकर स्वत: ही अंदाजा लगाया जा सकता है। अब पानी सिर से ऊपर जाता देख गुरुवार को हुई उपखण्ड स्तरीय बैठक में कृषि विभाग के जिम्मेदारों ने शिकायत दर्ज कराई। इस पर उपखण्ड अधिकारी ने निजी कंपनी के खिलाफ थाने में प्रकरण दर्ज कराने के आदेश दिए।
वास ग्राम पंचायत के अटल सेवा केंद्र भवन के ऊपर कृषि सेवा के्रन्द बना हुआ है। कुछ समय तक कृषि सुपरवाइजर के पद खाली होने से यह बंद था। यहां दीनदयाल उपाध्याय विद्युत योजना के तहत सेवाएं दे रही संविदा एजेंसी के प्रतिनिधियों ने खाली पड़े इस भवन को खुद का अस्थायी ठिकाना बना लिया। चार माह पहले कृषि सुपरवाइजर के आने पर उसने कमरे पर ताला लगा दिया तो कार्मिक ने उसे तोड़कर फेंक दिया। लगातार कहने के बावजूद कार्मिक कमरा नहीं खाली कर रहे हैं।
कार्रवाई के निर्देश
बीते सात माह से कृषि सेवा केंद्र पर अवैध कब्जा बना हुआ है। उपखण्ड अधिकारी के निर्देश पर पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा।
लियाकत अली, कृषि अधिकारी, गोगुंदा
तय होगी कार्रवाई
पूरा मामला मेरी जानकारी में नहीं है। निजी कंपनी के प्रतिनिधि सरकारी मुलाजिम से अभद्रता कर रहे हैं तो कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
अंकुश कश्यप, सहायक अभियंता, दीनदयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना





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