उदयपुर/ मूंगाणा. स्थानीय बस स्टैण्ड क्षेत्र में सुलभ सुविधा की कमी से यात्रियों व स्थानीय लोगों को खासी चुनौती मिल रही है। अंतरराज्यीय सेवाएं देने वाली बसों से उतरने वाले यात्रियों को भी यहां सुविधा के नाम पर इधर-उधर भटकना पड़ता है। वाहनों का जमघट होने के साथ हजारों की संख्या में जाने वाले यात्रियों की नियमित समस्या को लेकर स्थानीय जिम्मेदार मौन बने हुए हैं। इधर, बेशर्मी वश खुद की जरूरत के बीच आम यात्री खुले में लघुशंका जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। गौरतलब है कि क्षेत्र होकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में जयपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, डूंगरपुर, अहमदाबाद, प्रतापगढ़ के लिए वाहनों का आवागमन बना रहता है।
खण्डहर में बदला
वर्ष २००७ में करीब ६० हजार की लागत से स्थानीय ग्राम पंचायत स्तर पर ३ सुविधाघरों केा निर्माण हुआ था। पानी की टंकी, टाइल्स व नल फिटिंग के अभाव में शौचालय की पुरानी इमारत खण्डहर में बदल गई है। चारों और कचरा और गंदगी के ढेर लोगों को यहां तक पहुंचने से रोक देते हैं। खास तौर पर महिलाओं को ऐसी समस्याओं से जूझना पड़ता है।
स्वच्छ भारत से मजाक
एक ओर केंद्र की सरकार स्वच्छ भारत अभियान के लिए खासा बजट खर्च कर रही है। दूसरी ओर पंचायत की उदासीनता लोगों को बेशर्मी वश गंदगी की ओर धकेल रही है। सुविधाघर की बहुत जरूरत है।
देवेन्द्र पंचाल, महामंत्री, भाजपा युवा मोर्चा मण्डल
इस सप्ताह शुरुआत
गुरु गोलवलकर योजना के तहत रामदेव बस स्टैण्ड पर सुविधाघर निर्माण के लिए बजट मिला है। प्रयास रहेंगे कि इसी सप्ताह निर्माण कार्य शुरू हो जाए। आमजन की दुविधा से अवगत हैं, लेकिन बजट की कमी के आगे पंचायत मजबूर है।
हरीशचंद्र मीणा, सरपंच, मूंगाणा





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