उदयपुर/ खरसाण. जनता सेना के पदाधिकारियों की संगठन संरक्षक रणधीरसिंह भींडर की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में पंचायतों और नगर पालिकाओं के पुनर्गठन को लेकर चर्चा हुई। जनता सेना के प्रदेश महामंत्री प्रभाशंकर शर्मा ने बताया कि मेवाड़ क्षेत्र की अधिकांश पंचायतें तीन से चार हजार की आबादी की हैं, जबकि प्रदेश सरकार ने नई पंचायतों के गठन के लिए चार हजार की आबादी का मापदंड तय किया है। आरोप लगाए कि प्रदेश सरकार नई पंचायत गठन के नाम पर ग्रामीण आबादी को केवल गुमराह कर रही है। यह भी कहा कि मेवाड़ की आबादी छिछरी आबादी में रहती है। ऐसे में पहाड़ और नदी नालों की दूरी के हिसाब से सरकार की ओर से तय 8 किलोमीटर का मानदंड भी तय नहीं होता है। ऐसी कई पंचायतें हैं जहां देखने में तो दो गांव निकट लगते हंै, परन्तु बीच में नदी नाले होने से वहां तक पहुंचने में करीब 15 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। बैठक के दौरान ही ग्रामीण इलाकों में बिजली की आंख् मिचौनी पर भी राजनीतिक चर्चा हुई। बिजली बिल में पिछली सरकार में दी गई राहत को हटाकर नए आदेश जारी करने वाली वर्तमान सरकार को लेकर भी नाराजगी जताई गई। इन्हीं समस्याओं को लेकर जनता सेना 20 जून को राज्यपाल के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन देगी। इसके लिए सेना पदाधिकारियों के बीच रणनीति तय की गई।





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