परसाद (उदयपुर). उदयपुर जिले के परसाद थाना क्षेत्र की पीपली में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर आंबाघाटी के समीप बुधवार को अज्ञात वाहन, बाइक सवार एक ही परिवार के 5 जनों के लिए काल बनकर आया। सड़क क्रोसिंग के दौरान बाइक सवारों को अज्ञात वाहन ने चपेट में ले लिया, जिससे सभी लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन की मौके पर मौत होना बताया गया है, जबकि दो जनों ने चिकित्सालय में दौराने उपचार दम तोड़ दिया।
इससे पहले उममणा कोटड़ा बिलख निवासी अर्जुनलाल मीणा की पत्नी पारू (50), बेटा नरेश मीणा (30), सिंघटवाड़ा निवासी बेटी विमलेश मीणा (25) पत्नी रूपलाल मीणा, पडूणा निवासी दोहिता जीगर मीणा (12) पुत्र प्रकाश मीणा व डेढ़ वर्षीय दोहिती गुडिय़ा (मृतका विमलेश की पुत्री) एक बाइक पर सवार होकर पडूणा जा रहे थे। सभी लोग दुर्घटना में घायल हुए (छोटी बेटी रमीला) के ससुर की कुशलक्षेम पूछने के लिए निकले थे। तभी आंबाघाटी में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के नीचे से गुजरने की बजाए बाइक चालक नरेश मीणा ने सड़क क्रोसिंग कर पार जाने के प्रयास किए। इस बीच अज्ञात वाहन ने उन्हें चपेट में ले लिया। दुर्घटना में नरेश, गुडिय़ा व पारू की मौके पर मौत हो गई, जबकि गंभीर घायल विमलेश व जीगर मीणा को रोगी वाहन 108 से समीपवर्ती ऋषभदेव चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां से उन्हें उदयपुर रैफर किया और दौराने उपचार दोनों ने दम तोड़ दिया।
अपशगुन सोचकर मौन रह गया था अर्जुन
परसाद/ उदयपुर. परसाद थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत से पहले ही परिवार के मुखिया अर्जुन को अनहोनी की आशंका हो गई थी। उम्र के अनुभव ने अर्जुन को एक बार परिवार को एक साथ जाने से रोकने के लिए प्रेरित किया, लेकिन ग्रामीण परिवेश में उलझे अर्जुन परिवार को जाते समय केवल इसलिए नहीं रोक पाए कि उनके यहां जाते हुए व्यक्ति को पीछे से आवाज देना अपशगुन माना जाता है। बकौल अर्जुन पूरे परिवार को एक साथ बाइक पर देख उनके मन में बेटे नरेश व पत्नी को रोकने की इच्छा हुई थी। अर्जुन को किसी अनहोनी का एक आभास भी हुआ था, लेकिन अपशगुन में उलझे अर्जुन ने पूरे परिवार को एक साथ जाते हुए नहीं रोका। बस यही चूक परिवार के लिए दु:ख का कारण बन गई।
घर की देखरेख का था बुलावा
हुआ यूं कि अर्जुनलाल मीणा की छोटी बेटी रमीला मीणा के पडूणा निवासी ससुर का बुधवार सुबह एक्सीडेंट हो गया था। रमीला उसके ससुर का उपचार कराने के लिए उदयपुर चिकित्सालय आ गई थी। पीछे से मां को घटना से सूचित करते हुए घर की देखभाल के लिए बुलावा भिजवाया था। सूचना पर रमीला का भाई नरेश और परिवार के अन्य सदस्य पडूणा के लिए तैयार होने लगे। तभी पीछे से बेटी विमलेश ने पडूणा तक साथ चलने की इच्छा जताई और साथ हो ली। इधर, दादा के घायल होने की सूचना पर दोहिता जीगर भी साथ चलने के लिए अड़ गया। करीब 12.30 बजे परिवार बिलख से पडूणा के लिए रवाना हुआ और १० किलोमीटर दूर हाई-वे पर पीपली में आंबाघाटी के पास दुर्घटना हो गई।
ऐसे हुई चूक
बाइक सवार परिवार को हाई-वे और बिलख की ओर से आने वाली सड़क पर आंबाघाटी में बने ओवरब्रिज के नीचे से निकलना था, लेकिन निर्माणाधीन कार्य के बीच वह पुल के नीचे से नहीं निकले। रोंग साइड से थोड़ी दूर पर जाकर रोड क्रोस करने की तैयारी के बीच अज्ञात वाहन ने उन्हें चपेट में ले लिया। एक पल की चूक में पूरा परिवार खत्म हो गया। परिजनों की मौत पर परसाद हॉस्पीटल पहुंचे अर्जुनलाल मीणा का रो-रोकर बुरा हाल था।
लापरवाही बड़ा कारण
एक बाइक पर परिवार के पांच सदस्यों का सवार होना। लापरवाही का बड़ा उदाहरण है। इसके चलते दुर्घटना हुई। मामले में प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बरती जाएगी। फिलहाल शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
सुभाषचंद मीणा, थानाधिकारी, परसाद





No comments:
Post a Comment