Breaking News
recent

जागते हुए भी नींद में हैं जनाब, चाहे पीटें ढोल ये नहीं उठने वाले

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

लॉ कॉलेज को सत्र 2019-20 की सम्बद्धता देने को लेकर महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय गंभीर नहीं है। विश्वविद्याललय ने कॉलेज के निरीक्षण के लिए टीम नहीं भेजी है। ऐसे में कॉलेज की मुश्किलें बढऩा तय है।

साल 2005 में स्थापित लॉ कॉलेज को प्रतिवर्ष महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष सम्बद्धता लेनी पड़ती है। इसके लिए विश्वविद्यालय नियमानुसार फीस लेकर निरीक्षण टीम गठित करता है। इसमें प्रदेश के विश्वविद्यालय अथवा कॉलेज के विधि संकाय शिक्षक शामिल होते हैं। टीम कॉलेज का दौरा कर संसाधनों, शैक्षिक, प्रशासनिक स्टाफ और अन्य की रिपोर्ट सौंपती है। रिपोर्ट के अनुसार विश्वविद्यालय सम्बद्धता पत्र जारी करता है। यह सम्बद्धता पत्र बार कौंसिल ऑफ इंडिया को प्रथम वर्ष में प्रवेश और मान्यता के लिए भेजा जाता है।

इस बार नहीं अता-पता

सत्र 2019-20 की सम्बद्धता और कॉलेज के निरीक्षण का अता-पता नहीं है। कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज पर लगी रोक के चलते विश्वविद्यालय में मामला गड़बड़ा गया है। राजभवन ने डीन कमेटी को सत्र 2019-20 में विभिन्न कॉलेज की सम्बद्धता के लिए अधिकृत किया है। कमेटी की एकाध बैठक भी हुई है, लेकिन मामला अधर में है।

अप्रेल तक होता रहा है निरीक्षण
विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष अप्रेल तक लॉ सहित अन्य कॉलेज का निरीक्षण कराता रहा है। कुलपति की मंजूरी पर एकेडेमिक विभाग शिक्षकों की टीम गठित करता है। लॉ कॉलेज में बीते साल अप्रेल में डॉ. एम. एल. पीथलिया और डॉ. वी. डी. रावत की टीम ने दौरा किया था। कॉलेज को जून में सम्बद्धता पत्र जारी हो गया था। इस बार निरीक्षण और सम्बद्धता पत्र का अता-पता नहीं है। जबकि कॉलेज ने विश्वविद्यालय को सत्र 2018-19, 2019-20 और 2020-21 का एकमुश्त सम्बद्धता शुल्क भी जमा करा दिया है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.