उदयपुर/ सराड़ा. उपखण्ड मुख्यालय को सलूम्बर से जोडऩे वाली सड़क के विस्तारीकरण के नाम पर भले ही करोड़ो रुपए खर्च किए गए हो, लेकिन हकीकत किसी से छिपी नहीं है। नवनिर्मित इस सड़क पर बहुत सी ऐसी जगह हैं, जहां आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
कई पुलियाओं पर रैलिंग बनाने में कंजूसी की गई है तो कई जगहों पर सड़क की चौड़ाई की अपेक्षा संंकरी पुलिया बना दी गई है। लापरवाही की हद ही कहेंगे कि नवनिर्माण के बावजूद कई जगहों पर पुरानी पुलिया को रंग रोगन कर नया बनाने की कवायद हुई है। केजड़ व सगतड़ा के बीच तीन तो ढाकरणा व बाणा रेलवे फाटक के बीच बनी पुलिया जरूरत से ज्यादा संकरी हैं। बिना रैलिंग की इन पुलियाओं के किनारे डामर सड़क से जुड़े हैं, जो कि रात के अंधेरे में सड़क और पुलिया की बदलते हुए किनारों से अनभिज्ञ वाहन सवारों को सीधे काल का ग्रास बना रही है। कितने ही वाहन चालक अब तक इन खामियों का शिकार हो चुके हैं। दूसरी ओर सगतड़ा के समीप बारिश के पानी के निकास वाली पुलिया कमजोर होकर धंस गई है। खामी सुधार की बजाए संवेदक स्तर पर इस पुलिया पर मिट्टी डालकर इसे पाट दिया गया है। ऐसे में ये अनदेखी बरसात के दिनों में नई मुसीबत खड़ी कर सकती है। नई सड़क पर दर्जनों गड्ढे भी इसी विभागीय अनदेखी की भेंट चढ़े हुए हैं।
कराते हैं सुधार
केजड़-सगतड़ा के बीच सड़क टूटने जैसी कोई समस्या है तो जल्द ही इसमें सुधार को लेकर संवेदक को पाबंद किया जाएगा।
राकेश मीणा, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी सराड़ा
मानदण्ड से गुरेज
सड़क निर्माण गुणवत्ता के तय मानदण्डों के अनुरूप नहीं हुआ है। विभाग ने बाणा खुर्द में बायपास देकर सड़क निर्माण करना था। वो भी अभी अधूरा है।
अमृत लाल मीणा, विधायक, सलूंबर





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