पाली. बच्चों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैलाने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों व कार्मिक पर है। वे कितने सजग हैं। इसकी एक बानगी शुक्रवार को देखने को मिली। जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय प्रारम्भिक में रोजाना की तरह कार्मिक व अधिकारी सुबह कार्यालय पहुंचे और कार्य में जुटे, लेकिन महज दस-पन्द्रह मिनट बाद ही सुबह दस बजे के करीब कार्यालय में अंधेरा छा गया। कार्मिक व अधिकारी कक्षों से बाहर आए और मुख्य द्वार के सामने खड़े हो गए। इसके बाद वे काफी समय तक बिजली का इंतजार करते रहे, लेकिन बिजली नहीं आई। इसके बाद पता लगा कि कार्यालय का प्रीपेड मीटर को रिचार्ज ही नहीं करवाया गया है। उस पर करीब साढ़े सात हजार रुपए बकाया चल रहे है।
कार्यालय एक, लेकिन तालमेल नहीं
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय प्रारम्भिक में दो कार्यालय चलते है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी के साथ समग्र शिक्षा अभियान (समसा) के कार्मिक और अधिकारी भी बैठते है। इन दोनों के कार्मिकों के अनुसार बिजली मीटर का रिचार्ज एक बार समसा और एक बार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से करवाया जाता है। इस बार समसा की ओर रिचार्ज कराने की बारी थी। उनके अधिकारी को अवगत भी कराया गया, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। ऐसे में रिचार्ज खत्म हो गया और बिजली बंद हो गई।
बाहर बैठे रहे कार्मिक
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बिजली बंद होने के बाद कार्मिक पसीने से तर हो गए। इस पर उनको बाहर आना पड़ा। कार्मिक पूरे दिन कार्यालय के बरामदे और मुख्य द्वार के पास ही बैठे रहे। गर्मी से उनका हाल बेहाल रहा। इधर, बिजली बंद होने के कारण कम्प्यूटर से जुड़े और अन्य कार्य भी नहीं हो सके।
बजट के लिए लिखा है
हमने ऑफिस का बजट के लिए लिखा था। हमने 30 हजार का रिचार्ज करने के लिए पिछले सप्ताह ही बिल भेजा था। वह अभी तक पास नहीं हुआ है।
रामस्वरूप जांगिड़, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रारम्भिक, मुख्यालय, पाली





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