कोटा.
विद्युत ग्रिड सब स्टेशन पर बढ़ते लोड से बार बार ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती लोगों के जी का जंजाल बनने लगी है। खेती-किसानी के दौर में तो और यह कोढ़ में खाज साबित हो रही। परेशानी बढ़ती देख कोटा जिले के सांगोद-कुंदनपुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने तो अनोखा कदम उठा लिया। गुस्साए ग्रामीणों ने 12 गांवों की बिजली ठप कर दी। हालत यह कि करीब साढ़े तीन हजार लोग चार घंटे तक बिना बिजली के रहे।
मामला सांगोद-कुंदनपुर क्षेत्र के अडूसा जीएसएस से जुड़ा है। इस जीएसएस से जुड़े गांवों के ग्रामीणों का रोष शुक्रवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण जीएसएस पर पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारी को कमरे में बंद कर जीएसएस से जुड़े सभी 12 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप कर दी। बाद में ग्रामीणों ने जीएसएस परिसर में धरना देकर निगम अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया।
समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में सुबह 7 बजे ही अडू़सा जीएसएस पर पहुंच गए। वहां मिले कर्मचारी को बंद कर बिजली आपूर्ति ठप की और धरने पर बैठ गए। सूचना पर बिजली वितरण निगम के सहायक अभियंता दिनेश मेघवाल समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
खेती बाड़ी का वक्त और दिन-रात कटौती
ग्रामीणों ने बताया कि अडूसा जीएसएस से जुड़े अधिकांश गांवों में बीते कई दिन से अघोषित बिजली कटौती हो रही है। दिन-रात घंटों बिजली कटौती की जा रही है। कई बार तो पूरे दिन बिजली नहीं आती। सिंगल फेज तो दूर किसानों को भी थ्री फेज बिजली पर्याप्त नहीं मिल रही। इन दिनों बारिश नहीं होने से किसान फसलों में नलकूप चलाकर सिंचाई करने की तैयारी में है। धान उत्पादक किसानों को भी बिजली की सख्त जरूरत है। पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से किसानों को भी परेशानी हो रही है। करीरिया के किसान रामस्वरूप नागर ने बताया कि 4 से 5 घंटे थ्री फेज बिजली मिलती है उसमें भी दर्जनों बार ट्रिपिंग होती है। अधिकारियों की 4 घंटे समझाइश के बाद ग्रामीण करीब 11 बजे माने और गांवों को लौटे। तब जाकर बिजली आपूर्ति सुचारू की जा सकी।
700 सौ उपभोक्ता
गौरतलब है कि जीएसएस से जुड़े 12 गांवों में बिजली के 700 उपभोक्ता है। इन में करीब 35 सौ से ज्यादा लोग बिजली सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
यह भी है समस्या
थूनपुर के किसान चेतन मेघवाल ने बताया कि थूनपुर-कैलाशपुरा फीडर पर बीते कई माह से लाइनमैन नहीं है। किसी कारण बिजली बंद हो जाए तो ग्रामीणों को अपने स्तर पर ही बिजली की मशक्कत करनी पड़ती है। लाइनमैन चौथमल सुमन व मनीष ने बताया कि अडूसा जीएसएस पर चार फीडर हैं उन पर तीन लाइनमैन हैं वहीं गांवों की दूरी ज्यादा होने से आने जाने में परेशानी होती है। जीएसएस पर लोड भी अधिक है।
क्षमता से ज्यादा है लोड
इस संबंध में पत्रिकाडॉटकॉम ने एईएन दिनेश मेघवाल से बात की तो उन्होंने बताया कि प्रदर्शन की सूचना पर वे मौके पर गए थे। ग्रामीणों से वस्तु स्थिति की जानकारी ली। जीएसएस पर क्षमता से अधिक लोड आ रहा है। इससे बार-बार ट्रिपिंग हो रही है। इसे दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।





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