नई दिल्ली। बजट ( budget 2019 ) पेश होने में बस चंद घंटे बचे हैं। मोदी सरकार 2.0 के पहले बजट से सबसे ज्यादा उम्मीदें मिडिल क्लास को हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ( Finance Minister Nirmala Sitharaman ) अपने पिटारे से कुछ तोहफे देखर इन उम्मीदों को पूरा कर सकती हैं। दरअसल मोदी सरकार ( Modi Govt ) ने पिछले 5 साल में करदाताओं की संख्या बढ़ाने से लेकर कर चोरी पर लगाम लगाने तक कई कड़े फैसले लिए। इस बार भी मोदी सरकार की कोशिश होगी की कर चोरी करने वालों पर कड़ी नजर रहे साथ ही मिडिल क्लास को खुश करे।
मिडिल क्लास के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है टैक्स रिबैट। जी हां मध्यमवर्गीय परिवार वालों को वित्त मंत्री से उम्मीद है कि उनको आयकर में ज्यादा से ज्यादा छूट दी जाए। वहीं सरकार की कोशिश रहेगी कि इकोनॉमी की ग्रोथ और टैक्स कलेक्शन में वृद्धि पर फोकस रहे।
Delhi: Finance Minister Nirmala Sitharaman, Minister of State for Finance, Anurag Singh Thakur & other officials, at the Finance Ministry. Budget for Financial Year 2019-20 to be presented tomorrow by Nirmala Sitharaman in Parliament. pic.twitter.com/sTwcUlZ3nT
— ANI (@ANI) July 4, 2019
मिडिल क्लास के लिए सरकार ने अब तक किया
हर सरकार की तरह मोदी सरकार की भी कोशिश होगी कि मिडिल क्लास पर से कर का बोझ कम किया जाएगा। इसके लिए मोदी सरकार ने वर्ष 2014 में अपने बजट में बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट को बढ़ाया था। वहीं 5 लाख रुपए तक की आय वाले करदाताओं के लिए टैक्स रेट घटाकर 5 फीसदी किया था।
इसके अलावा मोदी सरकार ने अपने पिछले बज में 50000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन लाया था जबकि टैक्स रिबेट को बढ़ाकर 12500 रुपये किया गया था। कुछ ऐसी ही उम्मीद मध्यमवर्गीय परिवार को इस बार के बजट से भी है। सरकार से उम्मीद है कि वे मिडिल क्लास करदाताओं से कर का बोझ करने करने के लिए जरूरी फैसले ले।
इन फैसलों की उम्मीद
1. बढ़े बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट
जब सरकार एक निश्चित टैक्सेबल आय पर कर वसूल नहीं करती है तो इसे बेसिक एग्जेम्पशन कहते हैं। मौजूदा समय में 2.5 लाख रुपए तक की टैक्सेबल आय वालों के लिए आय कर नहीं लगता है। इसे ही बेसिक एग्जेम्पशन कहा जाता है। 12500 रुपये तक के टैक्स रिबेट के चलते 500000 लाख रुपये तक की टैक्सेबल इनकम वालों को कोई टैक्स नहीं देना होता है। उम्मीद है कि इस बार के बजट में सरकार बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट को बढ़ा सकती है।
2. एनपीएस के तहत निकासी पर टैक्स फ्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिडिल क्लास को जो उम्मीदें उनमें नेशनल पेंशन स्कीम के तहत निकासी में मिलने वाली छूट की सीमा में बढ़ोतरी शामिल है। एनपीएस के तहत निकासी की 40 फीसदी राशि फिलहाल टैक्स फ्री है जबकि 20 फीसदी रकम पर टैक्स लगता है। इस बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एनपीएस के तहत निकासी की जाने वाली पूरी राशि को टैक्स फ्री कर सकती हैं।
3. 80 सी में बचत की सीमा बढ़े
मोदी सरकार इनकम टैक्स के सेक्शन 80 सी के तहत मिलने वाली छूट की सीमा में बढ़ोतरी कर सकती है। इसका सीधा फायदा सभी तरह के व्यक्तिगत आयकरदाताओं को होगा। फिलहाल सेक्शन 80 सी के तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपये की छूट मिलती है। मिडिल क्लास लोग चाहते हैं ये सीमा 2.5 लाख की जाए।
4. होम लोन में छूट की सीमा में बढ़ोतरी, सीमा 2 लाख रुपए से बढ़ाई जाए
5. स्टैंडर्ड डिडक्शन 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख किया जाए





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