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कर चोरी में लिप्त व्यापारियों  से वाणिज्यिक विभाग ने वसूले 3.64  करोड़

उदयपुर. Commercial Department recoveries संभाग के उदयपुर व बांसवाड़ा जिले के वाणिज्यिक कर विभाग ( sale tax department ) की प्रतिकरावंचन टीमों ने शुक्रवार ( friday ) को कार्रवाई कर कर चोरी में लिप्त व्यावसायियों ( Merchants) के विरुद्ध कार्रवाई की। साथ ही इस वित्तीय वर्ष में एक अप्रेल के बाद से अब तक 74 वाहनों से 3.64 करोड़ की कर व शास्ति वसूली (
Penalty recovery ) गई।
पान मसाला ( Pan masala ), गुटखा, ऑटो पाटर््स ( auto parts ), आयरन ( iron ), स्टील ( steel ), रेडीमेड, इलेक्ट्रीकल ( Electrical ) , इलेक्ट्रोनिक्स जैसे गुड्स के परिवहन में उपयोग किए गए वाहनों पर विशेष निगरानी कर विभाग ने प्रकरण बनाए। साथ ही ट्रांसपोर्ट चैकिंग के दौरान ई-वे बिल प्रणाली का दुरुपयोग करने वाले व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। ऐसे वाहनों ( Vehicles ) पर कर के बराबर शास्ति से लेकर माल की कीमत के बराबर शास्ति तक लगाने की प्रक्रिया विचाराधीन है। उदयपुर टीम की ओर से एल्यूमिनियम व्यवसाय का सर्वे कर अनियमितता पकड़ी है। दूसरी ओर सिगरेट के एक व्यवसायी के यहां बिना रजिस्ट्रेशन लिए बिना बिल का स्टॉंक पकड़ा है। इसी प्रकार बांसवाड़ा टीम की ओर से एल्यूमिनियम सेक्शन एवं अलमारी के व्यवसायी के विरूद्ध अनियमितता दर्ज कर कार्रवाई की गई। दोनों टीमों ने सर्वेक्षण कर 15.36 करोड़ रुपए की वसूली की। इधर, प्रतिकरापवंचन टीमों की ओर से बोगस बिलों से कर चोरी करने वालों के विरूद्ध भी सघन जांच जारी है।

रिटर्न जमा कराने वालों पर नजर
कर चोरी में लिप्त व्यवसायियों के अलावा कर जमा कराने से बच रहे व्यवसायियों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। ऐसे व्यवसायी इसमें सम्मिलित है, जो जनता से कर संग्रहण कर रहे हंै, लेकिन सरकार को कर चुकाने से बच रहे हैं। रिटर्न फाइल जमा करने के लिए जीएसटी काउंसिल की ओर से मार्च 2019 तक का समय दिया जा चुका है। रिटर्न में देरी कर रहे व्यवसायियों को नोटिस देने का क्रम जारी है। इन्हें चिन्हित कर पंजीयन निरस्त किए जा रहे हैं।

पूरे ट्रक में कर चोरी का देसी घी
उदयपुर वाणिज्यिक कर संभाग की उदयपुर प्रतिकरापवंचन टीम ने देशी घी से भरा ट्रक पकड़ा, जिसमें व्यवसायी ने इन्वॉइस व ई-वे बिल जारी कर रखा है। जांच में आया कि व्यापारी ई-वे बिल का दुबारा प्रयोग कर रहा है। Commercial Department recoveries ऐसे में व्यवसायी से परिवहन किए गए देशी घी की लागत 29 लाख रुपए के जवाब में 6.50 लाख रुपए की शास्ति वसूली गई।



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