उदयपुर/ झाड़ोल. किसी समय उपखण्ड मुख्यालय पर आदर्श कहीजलदाय विभाग की सरकारी कॉलोनी के जर्जर राजकीय आवास सरकारी उदासीनता की भेंट चढ़कर मनचलों की अय्यासी का अड्डा बन गए हैं। पुराने पेट्रोलपंप के पीछे स्थित क्वार्टर की मरम्मत के अभाव में विभागीय कर्मचारी यहां रहना नहीं चाहते। ऐसे में शाम के समय अंधेरे में डूबी इस बस्ती में शराबियों का जमघट लगने लगता है। इसके अलावा यहां गैर सामाजिक गतिविधियों को भी चोरी छूपे अंजाम दिया जाता है। बता दें कि बजट के अभाव में इस पूरी कॉलोनी और बने हुए क्वार्टर जर्जर होकर भूतहा बन गए हैं। सूनसान इस इलाके में दिन के समय भी कोई सभ्य परिवार आने से कतराता है।
अनदेखी के 35 साल
कस्बे में जलापूर्ति के लिए टंकी व विभागीय कार्मिकों को यहां रोकने के लिए करीब 35 साल पहले सरकारी मेहरबानी से पानी की टंकी और क्वाटर्स के निर्माण हुए थे। लगातार अनदेखी से टंकी, क्वार्टर और बाउण्ड्री वॉल जर्जर होकर दम तोड़ चुके हैं। दरवाजे व खिड़कियों को चोर निकाल ले गए हैं। आलम यह है कि मकानों के होने के बावजूद विभागीय कर्मचारी हाउस रेंट के नाम पर मोटी राशि सरकार से वसूलकर बाहर किराए के आवास में परिवार के साथ दिन गुजार रहे हैं।
सुनसान और निडरता
कस्बे में एक ओर एकांत में बसाई गई इस कॉलोनी के क्वाटर्स तक आम आदमी की पहुंच नहीं होने से यहां रात में पसरा सन्नाटा कस्बे के उपद्रवी लोगों को आकर्षित करता है। यही वजह है कि शाम को सूर्यास्त के साथ ही उपद्रवियों का जमघट बढ़ता जाता है।
बजट की मांग
विभागीय क्वार्टर की बदहाली और जर्जरता को लेकर विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए मरम्मत का तख्मीना भेजा है। बजट मिलते ही मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी।
सुबोध अग्रवाल, जलदाय विभाग, झाड़ोल





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